न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एकमुश्त समाधान योजना के तहत जिले के एक लाख बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी का लाभ नहीं मिला है। 31 जनवरी को ओटीएस की अंतिम तिथि थी। इस दौरान शहर में 70 प्रतिशत व देहात में 30 प्रतिशत लोगों ने बिजली का बिल जमा किया है।
उल्लेखनीय है कि अक्तूबर माह में ओटीएस की शुरुआत हुई थी। इसके तहत एक लाख 50 हजार लोगों से बिल जमा कराने का लक्ष्य मिला था। जिले में बिजली विभाग का उपभोक्ताओं पर 700 करोड़ से अधिक का बकाया है। विभाग को उम्मीद थी कि ओटीएस की मदद से ज्यादा से ज्यादा बकाया जमा हो जाएगा, लेेकिन चुनावी तारीखों का ऐलान होने से ओटीएस में बकाया जमा कराने की रफ्तार थम गई। उम्मीद से काफी कम बकायेदारों ने बिल जमा करने में रुचि दिखाई है। अलग-अलग विद्युत वितरण खंडों में मात्र 50 हजार लोगों ने बिजली का बिल जमा किया है।
यही वजह है कि विभाग को लक्ष्य के हिसाब से बकाये की धनराशि नहीं मिल रही है। इस वजह से खंडीय अधिकारियों को बड़े अफसरों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के जिलेभर में बकायेदारों व बिजली चोरों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। अधीक्षण अभियंता जगतराम का कहना है कि एक लाख 50 हजार के सापेक्ष महज 50 हजार बकायेदारों ने ही बिल जमा किया है। संवाद
शमन शुल्क माफी का भी नहीं मिलेगा लाभ
हाथरस। पूर्व में प्रदेश सरकार ने बिजली के बकाये की उगाही और उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत देने के लिए शमन शुल्क माफ करने का फैसला लिया था। जिन लोगों ने ओटीएस में बिल जमा नहीं किया है, उनको शमन शुल्क माफी का लाभ भी नहीं मिलेगा। अब उन्हें पूरा बकाया जमा करना होगा। संवाद