हाथरस। जिले में इन-दिनों ऑक्सीजन की किल्लत के चलते लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। शासन स्तर से सांसों की संजीवनी बनी ऑक्सीजन के आवागमन की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। इसके लिए टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। अधिकारियों को टैंकर मालिकों और चालकों के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। एक लॉगिन दिया गया है। इसकी मदद से टैंकर के आने-जाने का सही समय और लोकेशन दिखती है। अधिकारी लॉगिन की मदद से आक्सीजन टैंकरों के पल-पल के मूवमेंट की जानकारी ले रहे हैं। ऑक्सीजन खाली होने के बाद अधिकारी टैंकरों का मौके पर जाकर निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि दोबारा ऑक्सीजन लेकर आने में टैंकर का संचालन सुचारु रहे।
कोरोना संक्रमण से जूझ रहे लोगों के परिजन ऑक्सीजन के लिए लगातार भटक रहे हैं। हालांकि जिले में ऑक्सीजन की कमी को जिला प्रशासन लगातार पूरा भी करा रहा है। लोगों की सहायता के लिए ऑक्सीजन बैंक भी बनाया गया है। लोगों को समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति देने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक लगातार सहयोग कर रहे हैं। जिले में ऑक्सीजन लेकर आने वाले टैंकरों को जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया है।
जीपीएस की मदद से टैंकरों के संचालन का वास्तविक समय और उनकी लोकेशन को एक क्लिक के साथ अधिकारी पता कर लेते हैं। टैंकर चालकों व मालिकों के अधिकारियों के पास इनके मोबाइल नंबर भी मौजूद हैं। अधिकारी फोन पर भी लगातार संपर्क में हैं। जब ऑक्सीजन का टैंकर किसी हॉस्पिटल में खाली किया जाता है तो उस जगह का संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी निरीक्षण करते हैं। उसे हरी झंडी देते हैं, ताकि दोबारा ऑक्सीजन लेकर आने में कोई परेशानी न हो। संवाद
जिले में आने वाले ऑक्सीजन टैंकरों का अस्पतालों में खाली होने के दौरान निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि दोबारा आने में कोई दिक्कत न हो। टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। एक लॉगिन की मदद से वास्तविक समय व लोकेशन चेक की जा रही है। मालिकों व चालकों के मोबाइल नंबर पर लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-संतोष कुमार, आरआई, संभागीय परिवहन विभाग