न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सादाबाद और सहपऊ ब्लॉक प्रमुख पद पर जिन दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। उन्हें सपा-रालोद गठबंधन अपना उम्मीदवार बता रहा है। हालांकि सहपऊ के उम्मीदवार ने खुद को निर्दलीय बताया है। भाजपा ने दोनों ब्लॉकों पर कोई भी उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था। अब भाजपा की कोशिश है कि इन दोनों ब्लॉकों पर विजयी उम्मीदवारों को अपने पाले में लिया जाए।
उल्लेखनीय है कि सादाबाद से डॉ. रीना चौधरी और सहपऊ से रामकिशन का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। भाजपा को शुरू से यह लग रहा था कि वहां उसे मात मिल सकती है या यदि उम्मीदवार खड़ा किया तो पार्टी में बगावत हो सकती है। ऐसी स्थिति में वहां भाजपा ने उम्मीदवार ही खड़ा नहीं किया था। वहां रालोद और सपा गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। सहपऊ से रामकिशन और सादाबाद से रीना चौधरी को समर्थित उम्मीदवार बनाया था। इन दोनों के साथ रालोद और सपा नेता नामांकन कराने गए।
दोनों उम्मीदवारों के खिलाफ किसी और ने नामांकन ही नहीं किया तो ऐसे में दोनों का निर्विरोध निर्वाचन तय है। इसे सपा-रालोद गठबंधन बड़ी उपलब्धि मान रहा है, लेकिन नामांकन के बाद सहपऊ के उम्मीदवार राम किशन ने खुद को निर्दलीय उम्मीदवार बताया। उम्मीदवार रामकिशन का कहना था कि उन्हें सभी का समर्थन हासिल है। वहीं सूत्रों की मानें तो भाजपा की यह रणनीति है कि जो उम्मीदवार सहपऊ और सादाबाद से जीत रहे हैं। उन्हें पार्टी खेमे में लाया जाए। इसके लिए पार्टी ने कोशिश भी शुरू कर दी है।
सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवारों के सामने भाजपा सहपऊ और सादाबाद में अपने उम्मीदवार खड़े नहीं कर सकी। हमारे दोनो उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। इन दोनों उम्मीदवारों की हमने पहले से ही घोषणा कर रखी थी। कुछ अन्य ब्लॉक प्रमुख के पद भी हमारा गठबंधन जीतेगा।
-प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी, रालोद नेता
भाजपा ने एक रणनीति के तहत सहपऊ और सादाबाद में प्रत्याशी खड़े नहीं किए थे। जिले में पांच अन्य ब्लॉकों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। इनमें से एक उम्मीदवार रामेश्वर उपाध्याय का निर्विरोध निर्वाचन तय भी हो गया है। अन्य उम्मीदवार भी जीतेंगे। बहुमत हमारे साथ है।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा