न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसबहुचर्चित बिटिया कांड के दो साल होने पर खुफिया तंत्र सतर्क रहा और यह जानका़री लेता रहा कि बिटिया के परिजनों से तो कोई मिलने नहीं जा रहा।सीआरपीएफ भी रोजाना की तरह उसके घर पर तैनात रही।
बहुचर्चित बिटिया कांड के दो साल होने पर खुफिया तंत्र सतर्क रहा और यह जानका़री लेता रहा कि बिटिया के परिजनों से तो कोई मिलने नहीं जा रहा। सीआरपीएफ भी रोजाना की तरह उसके घर पर तैनात रही। इधर, बिटिया का परिवार गमजदां रहा। उसके भाई ने फिर यही दोहराया कि उसे जल्द न्याय चाहिए और सरकार अपना अपना वादा निभाए।
उल्लेखनीय है कि दो साल पहले 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या की कोशिश की गई थी। युवती ने कुुछ दिन बाद दम तोड़ दिया था। मामले को लेकर जमकर हाय-तौबा हुई थी। मामला काफी सुर्खियों में रहा था। प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। इस मामले में सीबीआई जांच हुई थी।
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न्यायालय ने चारों आरोपी युवकों संदीप, रवि, रामू व लवकुश के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। अभी इस मामले की सुनवाई चल रही है। पिछले 21 माह से बिटिया का परिवार सीआरपीएफ की सुरक्षा में रह रहा है। चारों आरोपी अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं।
घटना के दो साल होने के बाद यहां खुफिया तंत्र यह टोह लेता रहा कि इस मामले को लेकर कोई संगठन प्रदर्शन आदि तो नहीं कर रहा और बिटिया के परिजनों से तो कोई मिलने नहीं आ रहा। सीआरपीएफ की सुरक्षा भी कड़ी रही। वैसे बिटिया के छोटे भाई का कहना था कि उनसे आज कोई मिलने नहीं आया। उसका कहना था कि उन्हें जल्द न्याय चाहिए। साथ ही आवास और सरकारी नौकरी देने का जो वादा किया गया था, उसे सरकार पूरा करे। संवाद