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हाथरस : कर्बला से कोटा रोड पर ठेकेदार ने बीच में रोका निर्माण कार्य

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हाथरस : कर्बला रोड से कोटा रोड की सड़क, जिसमें कई-कई फीट गंदा पानी भरा है। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से शहर के कर्बला से कोटा रोड के लिए जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य लटका हुआ है। ठेकेदार ने कई दिन से काम को बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर सड़क से पहले नाली बननी थी, लेकिन नालियों से पहले सड़क बनाने की शुरुआत कर दी गई। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से सड़क का कार्य बीच में छोड़ दिया गया है। सड़क पर जलभराव हो गया है।
सड़क पर कई कई फीट गंदा पानी भर गया है। इस मार्ग पर इंटर और डिग्री कॉलेज के अलावा दो दर्जन से करीब गांवों को शहर से जोड़ता है। इस मार्ग की बदहाल हालत के चलते लोग आए-दिन चुटहिल हो रहे हैं। आवागमन भी बंद हो गया है। इस कारण लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। लोक निर्माण के अधिकारी इससे अनजान हैं। लोगों में इसे लेकर काफी गुस्सा है।
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हाथरस शहर को जोड़ने वाले मार्गों की बात करें तो जगह-जगह जर्जर हालत में है। इस कारण लोग हिचकोलों भरा सफर कर रहे हैं। जिन मार्गों का निर्माण होना, उनमें संबधित ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के कर्बला रोड से कोटा रोड को जोड़ने वाले मार्ग की बात करें तो लाखों रुपये की लागत से लोनिवि द्वारा मार्ग बनवाया जा रहा था। इस रोड पर नालियां भी बनवाया जाना प्रस्तावित है। कर्बला-कोटा मार्ग पर ठेकेदार ने सीमेंटेड सड़क बनाने के लिए गिट्टी डाल दी।
लोगों का कहना है कि मार्ग पर ठेकेदार द्वारा नाली निर्माण नहीं किया जा रहा है। लोगों ने नाली निर्माण की मांग की तो ठेकेदार काम को अधर में छोड़ दिया गया। इस कारण पूरे इलाके का गंदा पानी उफन कर इस सड़क पर आ गया है और यह सड़क नाले में तब्दील हो गई है। इस मार्ग से कोटा, कपूरा, कुंवरपुर, पदू, कोठी, नगरिया, भूतपुरा, रंगपुरा, पटा पटैनी सहित करीब 24 गांवों का रास्ता है। कई इंटर और डिग्री कॉलेज को जाने का भी यह मार्ग है। इसकी वजह से आवागमन बंद हो गया है।
इस मार्ग पर ठेकेदार द्वारा नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है। इस कारण मार्ग पर जलभराव हो गया है। यह नाले में तब्दील हो गया है। जलभराव के चलते पैदल का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। आए-दिन लोग गंदे पानी में गिर रहे हैं। मार्ग का काम न होने से लोगों में गुस्सा है।
-रामकुमार
करबला-कोटा मार्ग से करीब 24 गांवों का आवागमन है। इस मार्ग के निर्माण में ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। यदि ठेकेदार द्वारा पहले नाली और उसके बाद सड़क बनाई जाती तो यह मार्ग नाले में तब्दील नहीं होता। ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
-तेजपाल
मार्ग पर कई गांवों के लोगों का अवागमन है। साथ ही इस मार्ग पर इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेज भी हैं। हर रोज कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी इस पानी में गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। सड़क ने नाले का रूप ले लिया है। इस समस्या पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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-लाखन सिंह
एक तरफ सरकर गांवों को शहर से जोड़ने की बात करती है तो दूसरी ओर करबला-कोटा मार्ग का निर्माण ठेकेदार ने बंद कर दिया है। पानी में गिट्टी डले होने के कारण वाहन भी नहीं चल पा रहे हैं। मार्ग नाले में तब्दील हो गया है। करीब दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। इस कारण खासी मुश्किलें हो रही है।
-कन्हैया
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