न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
धान की खेती कर रहे किसान इस बार ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद सीधे क्रय केंद्र पर धान को नहीं बेच पाएंगे। अधिकारी खेत में जाकर धान का आंकलन करेंगे। उसके बाद किसान केंद्र पर तुलवा सकते हैं। जिले में एक दर्जन से अधिक केंद्रों पर धान की खरीद होगी। किसानों का पीएफएमएस से भुगतान होगा। सरकारी मशीनरी धान खरीद की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
उल्लेखनीय है कि अक्तूबर माह में धान खरीद की शुरुआत होगी। इसके लिए क्रय केंद्र बनाने और मिलों को भेजे जाने वाले धान आदि का ब्योरा शासन स्तर से अभी से मांगा जा रहा है। पिछले साल 14 क्रय केंद्रों पर 13 हजार कुंतल धान की खरीद हुई थी। इस बार पंजीकरण के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी खेत में जाकर यह देखेंगे कि ऑनलाइन पंजीकरण के अनुसार धान की बुवाई की है या नहीं, इस सत्यापन के बाद किसान धान को क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे।
पंजीकरण के दौरान किसान को पासबुक, आधार कार्ड, भूलेख से संबधित कागजात लगाने होंगे। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि धान खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार पंजीकरण के बाद किसानों के धान का सत्यापन किया जाएगा। उसके बाद वह धान को क्रय केंद्र पर बेच पाएंगे।