हाथरस: पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर सांसद के साथ होती जिले के आला अधिकारियों की बैठक।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्थानीय पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सांसद राजवीर दिलेर ने बैठक की। सांसद ने बैठक में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार पुलिस अधीक्षक गौरव बंसल के साथ हाथरस के मौजूदा हालातों पर बात की। बैठक में उन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर इनका निदान करने के निर्देश दिए।
सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जनपद के प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई भी समस्या होती है तो तुरंत उसे गंभीरता से लिया जाए। लापरवाही करने वाले किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को कतई मंजूर नहीं किया जाएगा। इस समय सहयोग और सतर्कता की जरूरत है। शहर की समस्याओं को लेकर व्यापारी से भी मुलाकात की। सभी व्यापारियों की गंभीर समस्याओं को तुरंत एसपी को अवगत कराया। शहर के व्यापारियों ने बताया है कि लॉकडाउन के समय में पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को धमकाया जा रहा है। जिसे लेकर पुलिस अधीक्षक हाथरस को अवगत कराया और जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या का निवारण करने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि शहर में हॉटस्पॉट इलाके में करीब एक किमी बैरिकेडिंग की जाए। पूरे शहर का बैरिकेडिंग करना व्यर्थ है। इससे लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर जिलाधिकारी ने शहर में जो व्यर्थ की बैरिकेडिंग कर रखी है उसे तुरंत हटाया जाए। वही अग्रवाल परिवार पर लापरवाही बरतने की जो एफआईआर दर्ज हुई है। उसे खत्म करने की बात सांसद ने कही। स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वायरस के समय पर गंभीरता बरतने की हिदायत दी।
कई जनप्रतिनिधि नहीं दिखे सांसद की बैठक में
हाथरस। सांसद की एक बैठक में व्यापारियों ने अपना दर्द बयां किया। व्यापारियों का स्पष्ट कहना था कि गली सीकनापान के कैंसर पीड़ित व उसके बेटे के खिलाफ अपनी लापरवाही छिपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने झूठा मुकदमा कायम कराया है। इसलिए सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं व्यापारियों की यह शिकायत भी थी कि लॉकडाउन का पुलिस गलत फायदा उठा रही है और वह जमकर वसूली कर रही है। व्यापारियों का काफी उत्पीड़न हो रहा है। सांसद की बैठक में जिले के दोनों सत्ताधारी विधायकों, भाजपा जिलाध्यक्ष व कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद नहीं रहे। आखिर इन्हें बैठक में बुलाया नहीं गया या फिर यह खुद नहीं आए, इसे लेकर भी चर्चाएं रही।