न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब स्वैच्छिक अंगदान करने की इच्छा रखने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस पर अंगदाता का चिन्ह अंकित होगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए लाइसेंस की प्रक्रिया में बदलाव किया है। हादसे में मृत्यु होने पर परिवार की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। आवेदन में अंगदान के लिए अलग से कॉलम होगा। इससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि सड़क हादसे में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है। ऐसे लोगों के अंगों से विभिन्न लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। यदि संबधित व्यक्ति अंगदान का इच्छुक रहा है तो परिजनों की सहमति पर अंगदान करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। व्यक्ति की किडनी, लिवर, हार्ट आदि दूसरे मरीजों की जिंदगी बचाने में सहायक हा सके हैं। उस समय पर अंगदान की प्रक्रिया को पूरा करने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए मृतक के अंग अन्य लोगों के काम नहीं आते हैं। परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकार भी कर लिया है। इसलिए अब नए तरीके के लाइसेंस जारी होंगे।
आवेदन पत्र में होगा स्वैच्छिक अंगदान का कॉलम
अगर कोई व्यक्ति अंगदान करना चाहता है तो उसे लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र में स्वैच्छिक अंगदान का कॉलम भरना होगा। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल में भी बदलाव किया जा रहा है। आवेदन पत्र में अंगदान कॉलम में हां का विकल्प भरने पर आवेदक के स्मार्ट लाइसेंस पर लाल रंग का एक चिन्ह दिखेगा। यह लाइसेंसधारी के अंगदाता होने का सबूत देगा। एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि अभी इस तरह का आदेश नहीं आया है। जैसा मुख्यालय का आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा।