जुगाड़ से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब मुश्किल हो गया है। चाहे आप कितने कितने भी रसूखदार क्यों न हो, आवंटित टाइम स्लॉट से पहले डीएल के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएंगे।
अब एआरटीओ कार्यालय में लर्निंग व परमानेंट डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन पर ही बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए जिस दिन बुलाया है, आपको उसी दिन वह प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी। हालांकि परिवहन विभाग ने बुलावे की तारिख पर नहीं आने पर अगले दो की और मोहलत दी है। इसके बावजूद यदि आवेदक बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए नहीं पाता है तो उसे दोबारा से टाइम स्लॉट लेना पड़ेगा। यह व्यवस्था फरवरी माह पहले सप्ताह में शुरू हो गई है।
दरअसल परिवहन विभाग ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से वीआईपी आवेदक के बुलावे की तारीख यानी आवंटित स्लॉट में बदलाव का अधिकार छीन गया है। इसके बाद सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया गया है। एआरटीओ अब वीआईपी के लिए बुलावे की तारिख को बदल नहीं पाएंगे। परिवहन विभाग की नई व्यवस्था से उन्हें सर्वाधिक परेशानी होगी, जो दूसरे राज्यों में रहकर नौकरी या शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे आवेदक डीएल बनवाने के लिए आवंटित स्लॉट को बदलवा लेते थे।
एआरटीओ नीतू सिंह का कहना है कि आवेदक को लर्निग व परमानेंट डीलए के लिए जो टाइम स्लॉट की तारीख मिलेगी। उसी पर उसके दो दिन बाद तक बायोमेट्रिक प्रक्रिया कराने की सहूलियत मिलेगी। अब स्लॉट बदलने का अधिकार खत्म कर दिया गया है।