न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसप्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने ज्ञानवापी शृंगार गौरी प्रकरण पर कहा है कि जो सत्य है, वह सामने आ रहा है।यदि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस पर चर्चा होनी चाहिए तो कुछ तो है, तभी चर्चा हो रही है।वर्ष 2014 से पहले हम अमेरिका को देखते थे।
प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने ज्ञानवापी शृंगार गौरी प्रकरण पर कहा है कि जो सत्य है, वह सामने आ रहा है। यदि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस पर चर्चा होनी चाहिए तो कुछ तो है, तभी चर्चा हो रही है। वह यहां मेला श्रीदाऊजी महाराज में भजन संध्या कार्यक्रम में भाग लेने आए थे और उससे पहले पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में इन मामलों की चर्चा ही नहीं हुई। देश को वर्ष 2014 से पहले अंग्रेज अच्छे लगते थे। 2014 के बाद सनातनी अच्छे लगने लगे हैं। वर्ष 2014 से पहले हम अमेरिका को देखते थे। आज टीकाकरण में अमेरिका कहता है कि भारत को देखो।
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उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आज सनातन धर्म लगातार सशक्त हो रहा है तो इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका राजनीति की है। यदि यह सशक्तीकरण पहले हो गया होता तो आज देश के अंदर इतने अधिक दुष्कर्म न होते। जो मानसिकता खराब है, तो आज मानसिकता खराब न होती। आखिर देश में इतने क्रिश्चियन कहां से आ गए। इतने चर्च कहां से आ गए। जो मदरसों में जो कार्य हो रहा है, वह सबकी नजर में आने लगा है।
उन्होंने कहा कि काशी पर फैसला यदि पक्ष में आया तो हम यह सुनाएंगे, जो काशी को सजाए हैं, हम उनको सजाएंगे। कन्हैया मित्तल ने बताया कि उन्होंने अपने इस भजन जो राम को लाए हैं, हम उनको लाए हैं, की लाइनें छह दिसंबर 2021 को छत्तीसगढ़ में लिखी थी। वार्ता के समय भाजयुमो के जिलाध्यक्ष अनुराग अग्निहोत्री भी मौजूद थे। मित्तल का यहां आगमन पर जोशीला स्वागत भी किया गया। संवाद