हाथरस। आज राष्ट्रीय परिवहन दिवस है। यह दिवस परिवहन क्षेत्र के विकास और उसके संबंध में जागरूकता के लिए मनाया जाता है। बात यदि हाथरस की करें तो यह काफी पुरानी औद्योगिक नगरी है, लेकिन परिवहन के साधनों के लिहाज से फिसड्डी है।
यहां के लोग खटारा रोडवेज बसों में सफर करने को मजबूर हैं। अहम सुपर फास्ट ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होता। शहर में ट्रांसपोर्ट नगर भी आज तक नहीं बना। शासन- प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने यहां की परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। संवाद
शहर को ट्रांसपोर्ट नगर की बेहद जरूरत
हाथरस में 55 छोटी बड़ी दाल-मिल हैं। 50 छोटी और 100 बड़ी हींग की फैक्टरियां हैं। रंग-गुलाल की करीब 20 फैक्ट्रियां हैं। करीब 250 रेडीमेड करोबार की पंजीकृत व करीब 100 गैर पंजीकृत इकाइयां हैं। अचार मुरब्बा की 15 फैक्टरियां हैं। 125 मेटल की यूनिट हैं। 100 ज्यादा गैर पंजीकृत इकाइयां हैं। इसके अलावा हैंडलूम व पावरलूम का यहां अच्छा कारोबार है। साथ ही नमकीन, कचरी की 50 फैक्टरियां हैं। इन इकाइयों में माल तैयार होने के बाद गंतव्य तक पहुंचाने में कारोबारियों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ता है। कई बार व्यापारी संगठनों ने ट्रांसपोर्ट नगर की मांग की, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हुई। इस कारण कच्चा माल मंगाने और आर्डर के माल को भेजने में कारोबारियों को काफी परेशानी होती है।
अवधि कर चुकीं बसें भी यात्रियों को ढो रहीं
हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। इनमें एक दर्जन बसें ऐसी हैं, जो निर्धारित किलोमीटर व समयावधि को पूरा कर चुकी हैं। निगम स्तर से बसों के रखरखाव पर ध्यान देने की बजाय इनकी अवधि में बदलाव कर दिया गया है। इस कारण डिपो स्तर से इन बसों का संचालन किया जा रहा है। यह बसें बीच रास्ते में अक्सर धोखा दे जाती हैं। इस कारण यात्रियों को गंतव्य की दूरी तय करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डिपो में तीन वातानुकूलित बसें हैं। बाकी सभी साधारण बसें हैं।
सुपर फास्ट ट्रेनों में सफर के लिए पड़ोसी जिलों का आसरा
जिले में ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए हाथरस जंक्शन, हाथरस सिटी और हाथरस किला सहित कई रेलवे स्टेशन हैं। हाथरस किला स्टेशन से मात्र एक एचएडी ट्रेन सुबह व शाम में संचालित होती है। इसके जरिये बड़ी संख्या में हर रोज यात्री दिल्ली की दूरी तय करते हैं। कच्चे माल को लाते हैं। साथ ही यहां से सब्जी, रबड़ी और अन्य सामान लेकर भी जाते हैं। वर्तमान में हाथरस जंक्शन स्टेशन से महानंदा, कालका, मुरी, लिंक एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें गुजर रही हैं, लेकिन इनका स्टॉपेज नहीं है। इस कारण यात्रियों को पड़ोसी जिलों से ट्रेनों में सवार होना पड़ता है। तब जाकर गंतव्य की दूरी तय करते हैं। हालांकि गोमती, फरक्का, नीलाचंल और ऊंचाहार आदि ट्रेनें रुक रही हैं। इनके जरिये यात्री सफर कर रहे हैं।
फुटपाथ पर बने टैक्सी स्टैंड भी अटका रहे रोड़ा
शहर के आगरा-अलीगढ़ रोड पर प्राइवेट टैक्सी संचालकों ने जगह जगह अपनी मनमर्जी से स्टैंड बना लिए हैं। फुटपाथ पर इन टैक्सी संचालकों का कब्जा रहता है। यदि फुटपाथ खाली हो तो आमजन को गंतव्य की राह तय करने में राहत मिलेगी, लेकिन यातायात पुलिस द्वारा इन पर कार्रवाई करते हुए शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। इस कारण यह आराम से फुटपाथ पर कब्जा किए हुए हैं। इसके अलावा नगर पालिका के कर की चोरी भी हो रही है। यदि स्टैंड नियत होगा तो नगर पालिका को कर से राजस्व भी बढ़ेगा।
हाथरस में परिवहन के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इस कारण गंतव्य तक की दूरी तय करने में काफी मुश्किलों से जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा जरूरत ट्रांसपोर्ट नगर की है। इसकी जनप्रतिनिधियों को सुधि नहीं हैं। इस कारण जाम से राहत नहीं मिल रही है।
-सौरभ शर्मा, यात्री
हाथरस में परिवहन के साधन भगवान भरोसे हैं। रोडवेज में पुरानी बसें हैं। सुपर फास्ट ट्रेनों का ठहराव नहीं है। इन पर जनप्रतिनिधियों को ध्यान देने की जरूरत है। प्रमुख औद्योगिक शहर होने के बावजूद आवागमन के लिए साधनों की बेहद कमी है।
-कमल गुप्ता, यात्री
ट्रेन का संचालन हो रहा है, लेकिन ठहराव नहीं है। बसें भी पर्याप्त नहीं हैं। साथ ही यहां से सीधे किसी पर्यटन स्थल जैसे माता वैष्णो देवी व अन्य स्थान के लिए सीधे ट्रेन आज तक संचालित नहीं है। इस कारण मथुरा व आगरा से गंतव्य की दूरी तय करनी पड़ती है।
-रमेश चंद्र सिसौदिया, यात्री
सबसे खास बात यह है कि यदि 500 किलोमीटर में माल भेजना हो तो उसको ट्रांसफर करना पड़ता है। इस कारण माल देरी से पहुंचता है। इससे सीजन भी प्रभावित होता है। ट्रांसपोर्ट नगर के साथ यहां से माल भेजने के परिवहन के पर्याप्त इंतजाम किया जाए।
-राजेश अग्रवाल, उद्यमी
जिस हिसाब से हाथरस में उद्योग-धंधे हैं, उस हिसाब से यहां ट्रांसपोर्ट के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इस कारण माल के आवागमन में अड़चनें आती हैं। माल नियत समय पर पार्टी तक नहीं पहुंच पाता है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने के साथ रेलवे व रोडवेज द्वारा बुकिंग को बढ़ावा देना चाहिए।
-विश्वनाथ उपाध्याय, उद्यमी
हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से भी अवगत करा दिया गया है। कालका, महानंदा और शताब्दी आदि ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है। एक से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने के लिए दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए स्वचालित सीढ़ियां व लिफ्ट लगवाने की मांग रेल मंत्री से की गई है। हाथरस में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित कराने के लिए भी प्रयासरत हूं।
-राजवीर दिलेर, सांसद
आज परिवहन दिवस पर होगा कार्यक्रम
परिवहन दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा और शपथ दिलाई जाएगी। यात्रियों व वाहन स्वामियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
-नीतू सिंह, एआरटीओ प्रशासन