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गुमराह कर रही हाथरस एनआईसी की वेबसाइट

Tue, 23 Apr 2019 01:01 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क प्रशांत भारती हाथरस
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एनआईसी की वेबसाइट - फोटो : अमर उजाला
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जहां एक ओर आम लोगों को डिजीटल इंडिया के तहत जोड़े जाने का काम किया जा रहा है, वहीं यहां जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट को एनआईसी के अधिकारियों द्वारा अपडेट तो दूर की बात है, जिले में तैनात अधिकारियों का ब्यौरा तक गलत फीड कर रखा है। यहां हाथरस एनआईसी की वेबसाइट पर शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक की कोई भी डिटेल उपलब्ध नहीं है। जिससे कोई भी व्यक्ति समय पर लाभ ले सके।

वहीं इस वेबसाइट के जरिए दूरस्थ स्थानों पर बैठे लोग हाथरस के बारे में व यहां संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी तक नहीं ले सकते हैं। इस वेबसाइट की ओर से जिला प्रशासन के जिम्मेदाराना अधिकारी भी अपनी आंखें मूंद कर बैठे हुए हैं।
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आज के दौर में हर व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से अपने घर बैठे ही दूरस्थ स्थानों के बारे में जानकारी हासिल कर सकता है, लेकिन यहां हाथरस जिले का ब्यौरा जिला प्रशासन की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए देखा तो जा सकता है, लेकिन भरोसे के लायक नहीं है। यहां काफी लंबे समय से जिम्मेदाराना अधिकारियों द्वारा वेबसाइट को अपडेट नहीं किया गया है।

इस वेबसाइट पर शिक्षा अधिकारियों के नाम तक गलत फीड कर रखे हैं। ईवेंट के कॉलम को तो खाली ही छोड़ रखा है, जबकि समय-समय पर जिले में ईवेंट होते हैं। वहीं जिले में सरकारी हॉस्पिटल के ब्यौरे के नाम पर मात्र जिला अस्पताल का नाम ही फीड है, तहसीलों पर बने स्वास्थ्य केंद्रों का कोई ब्यौरा तक फीड नहीं है।

वेबसाइट पर आज भी दर्ज हैं बीएसए रेखा सुमन
इस वेबसाइट पर आज भी बीएसए का नाम रेखा सुमन फीड कर रखा है। जबकि जिले बीएसए के पद पर हरिशचंद्र तैनात हैं। कई अन्य अधिकारियों के नाम ब्यौरा भी गलत फीड कर रखा है। अगर कोई व्यक्ति इस आधार पर सूचनाएं संकलित करे तो गलत रिकॉर्ड ही तैयार कर पाएगा।

लाभार्थीपरक का योजनाओं के नहीं अपडेट डाटा
जिले में तमाम सरकारी योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं के तहत तमाम लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की इस अधिकारिक वेबसाइट पर किसी भी योजना का अपडेट डाटा तक उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि योजनाओं के बारे में भी कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं के लिए पात्रता होने के संबंधी दस्तावेजों का ब्यौरा तक उपलब्ध नहीं है।
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सरकारी वेबसाइट हमेशा अपडेट रहनी चाहिए, क्योंकि इस वेबसाइट के जरिए लोग दूर स्थानों से बैठकर सूचनाएं संकलित करते हैं। अगर वेबसाइट पर गलत ब्यौरा फीड है तो इस संबंध में जिम्मेदाराना अधिकारियों को तलब किया जाएगा।
-डॉ. अशोक कुमार शुक्ला, एडीएम
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