न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कृषि कानूनों के विरोध में देशव्यापी बंद का यहां असर देखने को नहीं मिला। शहर व आसपास के कस्बों के बाजार रोजाना की भांति खुले। बाजारों में भीड़ भी उमड़ी। मंडी समिति में जरूर किसान नहीं आए और वहां सन्नाटा पसरा रहा। किसानों के आंदोलन के समर्थन में कई राजनीतिक और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने आंदोलित किसानों के समर्थन में हड़ताल रखी और दीवानी न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारियों ने भी ओढ़पुरा विद्युत स्टेशन के बाहर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस व प्रशासन खासा चौकन्ना नजर आया। अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए रहे और स्थिति की जानकारी करते रहे। एसपी ने खुद शहर के व्यापारी नेताओं के साथ शहर के बाजारों का पैदल भ्रमण किया और स्थिति देखी।
कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था, लेकिन शहर व आसपास के कस्बों के बाजारों में यह बेअसर रहा। रोजाना की तरह ही शहर के बाजार खुले। रोजाना की तरह इन बाजारों में भीड़ भी दिखाई दी और लोगों ने अपने काम भी किए। विपक्षी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन तो किया, लेकिन बाजार बंद कराने के लिए बाजारों में नहीं दिखे।
वहीं पुलिस प्रशासन की पैनी नजर इस पर रही कि कहीं कोई राजनीतिक व अन्य संगठन बाजार तो बंद नहीं करा रहा। इसे लेकर बाजार में पुलिस फोर्स तैनात रही। खुद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शहर में व्यापारी नेता अशोक बागला आदि के साथ बाजारों का भ्रमण किया। खुफिया तंत्र भी इस दौरान खासा चौकन्ना रहा और विपक्षी दलों व इस बंद का समर्थन करने वाले संगठनों की गतिविधियों पर नजर जमाए रहा।
वकीलों ने किसानों के समर्थन में हड़ताल कर किया प्रदर्शन
हाथरस। किसानों के आंदोलन का डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी समर्थन किया। वकील हड़ताल पर रहे। वकीलों ने दीवानी कचहरी परिसर के बाहर किसानों के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के सचिव चौ. हितेंद्र सिंह गुड्डू, पूरन सिंह, नवदीप पाठक, संदीप वर्मा, सुशील पाठक, जयकिशोर, रवेंद्र कुमार, विश्वास बहादुर पुंढीर, पार्थ गौतम, रवि शर्मा, एनडी शास्त्री, कुलदीप कुमार, अनिल कुमार आदि थे।