हाथरस। मुरसान के दर्शना गांव के आठ लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने सामाजिक विद्वेष फैलाने की कोशिश में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों के परिजनों ने बुधवार को कहा कि उन पर लगाए गए आरोप एकदम झूठे हैं। हालात ऐसे हैं कि उन्हें अब डर लगने लगा है। ज्यादा तंग करने पर वह गांव से पलायन कर जाएंगे।
गांव में मौजूद मदीना, नसरीन, मीना, रुखसाना, रुखसार, भूरी और अफसाना का कहना है कि मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर से भड़काऊ भाषण करने के आरोप एकदम गलत हैं। लाउडस्पीकर से कोई बात नहीं कही गई। गांव में मुस्लिम समाज के चार-छह परिवार रहते हैं, जबकि हिंदू यहां बहुसंख्यक हैं और सैकड़ों की तादाद में रहते हैं। मुसलमानों को गांव में अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके एक मकान पर कब्जा करने की नीयत से शातिर किस्म के लोगों ने पूरा षड्यंत्र रचा है। गांव के कुछ लोग उन्हें डराकर भगाने की कोशिश में लगे हैं, ताकि उनके मकान पर कब्जा कर सकें। महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें पुलिस ने यूं ही परेशान किया तो सभी परिवार गांव से पलायन कर जाएंगे।
मालूम हो कि सोमवार को मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर से भड़काऊ भाषण के बाद पहुंची पुलिस ने लाउडस्पीकर उतरवा दिया था। देर रात इस मामले में आठ लोगों के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
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