हाथरस। जिले में पिछले तीन साल से एक भी पात्र को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ नहीं मिल सका है। 2018 से अब तक जिले के 5105 लोगों ने आवेदन किए हैं, लेकिन अभी तक इन आवेदनों की जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आशियाने की आस में लाभार्थी कार्यालयों के चक्कर ला रहे हैं। नगर निकायों व तहसीलों के माध्यम से कई बार लाभार्थियों की जांच भी कराई जा चुकी है लेकिन यह पत्रावली अभी तक शासन को नहीं पहुंच सकी हैं। अब तो लोगों के आशियाना बनाने की आस भी टूटने लगी है।
पीएम आवास योजना शहरी के तहत पात्रों को आशियाना बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की धनराशि तीन किस्तों में दी जाती है। लाभार्थी जैसे-जैसे अपना आवास निर्माण का कार्य पूण कर लेता है, उसी आधार पर विभाग की ओर से नामित संस्था के कर्मचारी जीओ टैगिंग कर अग्रिम धनराशि जारी करते हैं। विभाग को नगर निकायों के माध्यम से आवेदन प्राप्त होते हैं।
इन आवेदनों की जांच डूडा विभाग की ओर से नामित संस्था के द्वारा होती है। इसके बाद नगर निकायों व तहसील स्तर से भी जांच कराई जाती है। जिले में 5105 आवेदन तीन साल में आए हैं। इन आवेदनों की तीनों स्तरों पर कई बार जांच हो चुकी हैं, लेकिन 2018 से इनकी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लाभार्थी कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो गए हैं। कई लोगों ने तो अब आवास की उम्मीद भी छोड़ दी है। संवाद
कर्ज लेकर बनवा लिए मकान
हाथरस। वर्ष 2018 में आवेदन के बाद आवास निर्माण के लिए अनुदान राशि न मिल पाने के कारण कुछ लाभार्थियों ने तो कर्ज लेकर अपने आवास भी बनवा लिए। कुछ समय तक इन लाभार्थियों ने अनुदान राशि आने का इंतजार किया, लेकिन इंतजार का सब्र टूट गया। इन लाभार्थियों कर्ज लेकर आवास बनवा लिए।
- पीएम आवास शहरी योजना के तहत आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों का डाटा तैयार हैं। कई बार जांच पूरी हो चुकी हैं। अब शासन स्तर से डाटा मांगा जाएगा तो भेज दिया जाएगा। - पवन कुमार, जिला समन्वयक।