हाथ्रारस: बाजार में करवा चौथ की खरीददारी के लिए लगी भीड़।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस बार बुधवार शिवयोग में यह पर्व मनाया जाएगा। बृज की देहरी कहे जाने वाले हाथरस में रात 8.20 बजे चंद्र दर्शन होगा। इस पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। सोमवार को बाजार में खासी भीड़ रहेगी। महिलाएं सजने-संवरने के साथ पूजा-पाठ के सामान की भी खरीददारी करेंगी।
जैसे-जैसे करवाचौथ का पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे ही लॉकडाउन में धराशायी हुए बाजारों की रौनक भी लौट रही है। अब से दो दिन बाद यह पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। साड़ी की दुकानें और शोरूम हों या फिर सौंदर्य प्रसाधन के सामान की दुकानें। हर जगह महिलाआें की अच्छी भीड़ दिख रही है। महिलाएं यहां मनपसंद साड़ियां और सामान चुनने में माथापच्ची करती नजर आती हैं।
इस बार करवाचौथ का पर्व शिवयोग में मनाया जाएगा। रात आठ बजकर बीस मिनट पर चंद्र दर्शन होगा। करवाचौथ को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए कामना करती हैं। इस पर्व से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। वंश वृद्धि होती है।
-आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी
बुधवार को रात आठ बजे से साढ़े आठ बजे के बीच में चंद्र दर्शन होगा। जहां प्रदूषण होगा, वहां चंद्रमा के दर्शन में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है। पर्व को महिलाएं चौकी लगाएं। देसी घी का दीपक जलाएं। मिट्टी के करवा में दही, दूध, मिष्ठान, गंगाजल आदि डालकर जल भरें। मिट्टी की गौर बनाएं और कथा श्रवण करें। उसके बाद पूजा-अर्चना करें। छलनी में दीपक रखकर चंद्रदर्शन करें। करवा में भरे हुए जल से अर्घ्य दें। पति के हाथों से जल ग्रहण करें। अर्घ्य देने के बाद अपने बुजुर्गों के चरण स्पर्श करें। भोजन ग्रहण करते हुए व्रत को खोलें।
-आचार्य बल्लभ जी महाराज