संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों और मस्जिदों में उल्लास के साथ ईद मिलादुन्नबी का त्योहार मनाया। लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद देकर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बताए रास्तों पर चलने की बात कही। अकीदतमंदों ने कहा कि मोहम्मद साहब ने दुनिया में अमन का पैगाम दिया।
जिस दौर में लोग बेटियों को पैदा नहीं होने से पहले मार देते थे उस दौर में मोहम्मद साहब ने औरतों को उनकी हक दिलाई। वे बादशाह और गुलामों में कोई फर्क नहीं करते थे। उनके बताए रास्तों पर चलने से ही दुनिया में अमन-चैन कायम होगा।
मंगलवार को ईद मिलादुन्नबी को लेकर पुलिस प्रशासन भी काफी चौकन्ना रहा। मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर पैनी नजर रखी गई। इस दौरान बड़े कार्यक्रम नहीं हुए। कोरोना के चलते पहले से ही मुस्लिम इंतजामिया कमेटी ने लोगों से घरों पर पर्व मनाने की अपील की थी। ऐसे में लोगों ने घरों में पर्व मनाया। मस्जिदों में भी लोग एकत्रित हुए और वहां भी पर्व मनाया गया।
किलागेट स्थित मस्जिद अलबरकात में हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया गया। इस मौके पर रईस अहमद अब्बासी, साबिर हुसैन, फरहत खान, हाफिज, नदीम हुसैन, मौलाना मुकीम रजा, इमाम जमील अहमद, हाजी नवाब हसन, शहजादा आलम नूरी, अब्दुल रहीम, मोहम्मद अली, बाबुद्दीन अब्बासी, शाकिर खान, हाफिज, सद्दाम हुसैन, अजमेरी खान, नसरुद्दीन अब्बासी, मुस्ताक अब्बासी, हाजी रिजवान अहमद कुरैशी, कुर्बान अली शहजादा, एजाज अहमद, शहजादे खान, बारिश अंसारी, अकील हुसैन, साविर पहलवान, नन्ने अब्बासी, सलीम खां, शरपुद्दीन खान, मिर्जा अजहर बेग आदि थे।
इस बार भी नहीं निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
जुलूस-ए-मोहम्मदी की अनुमति लेने के लिए मुस्लिम समाज के लोग डॉ. रहीस अहमद अब्बासी के नेतृत्व में एसडीएम सदर के यहां पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों को 24 अक्टूबर को जुलूस निकालने की योजना थी। वहां इन लोगों ने अनुमति मांगी लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि 100 से ज्यादा लोगों की जुलूस में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अब्बासी ने बताया कि जुलूस में हजारों की तादाद में लोग शामिल हो जाते हैं, जबकि प्रशासन 100 से ज्यादा लोगों के जुलूस की अनुमति नहीं दी। ऐसे में इस बार जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकालने का फैसला किया है। कोरोना के चलते पिछले दो साल भी यह जुलूस नहीं निकल रहा है।
एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुचे मुस्लिम समाज के लोग। संवाद- फोटो : HATHRAS