न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला स्तर पर एमडी टीबी हॉस्पिटल को डेंगू डेडिकेटिड अस्पताल बनाया गया है। ऐसे में एक बार फिर जिले में टीबी के गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार मिलने में दिक्कत हो रही है। ऐसा पिछले एक साल से हो रहा है, क्योंकि इससे पहले इसे कोविड अस्पताल बनाया गया था। इस अस्पताल में केवल डेंगू से पीड़ित मरीज भर्ती होंगे। अस्पताल शुरू करने के लिए शिफ्ट के अनुसार चिकित्सक व स्टाफ नियुक्त कर दिया गया है।
जिले में बुखार और डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। 26 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। डेंगू के मरीजों को भर्ती करने और इलाज के लिए जिला अस्पताल में वार्ड उपलब्ध हैं। इसके बाद भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते अब डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए पीकू वार्ड की तर्ज पर अलग से डेंगू अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में शिफ्ट के अनुसार विशेषज्ञ और स्टाफ की तैनाती की गई है, लेकिन इसकी वजह से टीबी के मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें टीबी के इलाज के लिए फिर परेशान होना पड़ रहा है।
कोविड अस्पताल को डेंगू डेडिकेटिड अस्पताल बनाने के निर्देश शासन से प्राप्त हुए थे। शासन के निर्देश पर अस्पताल में शिफ्टवार विशेषज्ञ और स्टाफ की तैनाती करा दी गई। यहां पर अब टीबी के मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। उनके लिए जिला क्षय रोग केंद्र से दवा उपलब्ध कराई जा रही है। टीबी के गंभीर रोगियों को हायर सेंटर भेजा जाएगा।
-डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ