न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
गांव गोविंदपुर उर्फ मूढ़ा नौजरपुर में बृहस्पतिवार की रात में सुसराल वालों ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या कर दी। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सूचना पर मायके वाले पहुंचे तो ससुराल वाले घर का ताला लगाकर फरार हो गए थे। मृतका के पिता ने पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मायके वालों ने सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए काफी देर तक हंगामा भी किया। मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाल ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर चिता की राख से हड्डियां निकलवाकर जांच के लिए भिजवाया।
कासगंज जिले के बदरिया सोरों निवासी सत्यनारायण ने अपनी बेटी प्राची की शादी दो वर्ष पूर्व कोतवाली क्षेत्र के गांव गोविंदपुर उर्फ मूढ़ा नौजरपुर निवासी महेश पुत्र रामबाबू के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से दहेज देने के लिए प्राची का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाने लगा। इसकी शिकायत प्राची ने कई बार अपने पिता से की।
सत्यनारायण ने आरोप लगाया कि गुरुवार की रात में प्राची की हत्या कर दी गई और सबूत मिटाने के लिए श्मशान में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका कहना है कि इसकी सूचना गांव वालों ने दी। मायके वाले जब शुक्रवार को गांव पहुंचे तो देखा कि ससुराल वाले घर में ताला लगाकर फरार हो चुके थे। बारिश के कारण श्मशान में चिता ठंडी मिली। मौके पर सीओ डॉ. राजीव कुमार और कोतवाल प्रवेश राणा पहुंचे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने हड्डियां निकालकर जांच के लिए रख लिया। सत्यनारायण ने पति महेश, ससुर रामबाबू, चचिया ससुर गंगा सिंह, सास रामवती देवी, देवर सोनू, ननद शशी और राकेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कुछ गांव वाले कह रहे हैं कि महिला को पेट में दर्द हुआ था, जबकि कुछ का कहना था कि फंदे पर लटककर मौत हुई है। हड्डियों की डीएनए जांच से कई प्रकार से मौत के कारणों का पता लग जाता है। यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि जलने वाली लाश प्राची की ही थी।
-डॉ. राजीव कुमार सिंह, सीओ