न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
फुलेरा दूज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाई जाती है। इस दिन को फाल्गुन माह में शुभ और उत्तम माना जाता है। सोमवार को इस मौके पर शादियों के साथ अन्य मांगलिक कार्य होंगे। इस दिन अबूझ मुहूर्त हैं। शहर के सभी गेस्ट हाउस फुल हो गए हैं। शादी वाले घरों में लोग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार फुलेरा दूज को भगवान श्रीकृष्ण ने रंगों की जगह फूलों से होली खेलकर फाग महोत्सव शुरू किया था। मांगलिक तिथि को भी विवाह का मुहूर्त नहीं निकल पाता है, उनका फुलेरा दूज के दिन अबूझ मुहूर्त में विवाह हो जाता है। हिंदू धर्म में लोग किसी भी शुभ कार्य विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए शुभ मुहूर्त का विचार करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार फुलेरा दूज के दिन अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए इसे शुभ व महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।
इस दिन किया गया कार्य किसी भी तरह के हानिकारक प्रभाव और दोषों से प्रभावित नहीं होता है। शुभ मुहूर्त पर विचार करने या किसी विशेष शुभ मुहूर्त को जानने के लिए पंडितों से परामर्श करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। फुलेरा दूज के मौके पर शहर में दर्जनों की संख्या में शादियां होंगी। शहर के सभी गेस्ट हाउस, वेंक्वेट हॉल फुल हो गए हैं। शादी विवाह के कारण लोगों को जाम से भी जूझना पड़ सकता है।