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हाथरस: भाजपा सहित कई संगठनों ने सौंपे ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग

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हाथरस: डीएम को ज्ञापन सौंपते भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा और अन्य लोग? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कैंसर पीड़ित और उसके परिजनों के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लापरवाही बरते जाने का मामला अब तूल पकड़ा जा रहा है। भाजपा के जिलाध्यक्ष व नगर पालिकाध्यक्ष के अलावा भाजपा के शहर अध्यक्ष ने भी इस मामले से डीएम को अवगत कराया है। कई संगठनों ने एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी को भी पूरे मामले से अवगत कराया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों स्थानीय गली सीकनापान निवासी एक कैंसर पीड़ित कोराना संक्रमित मिला था। उसे स्वास्थ्य विभाग ने अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था। उसके बाद उसके परिवार के अन्य सदस्यों का भी नमूना जांच के लिए भेजा था तो परिवार के दस अन्य सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इस मामले में एसीएमओ ने कैंसर पीड़ित व उनके संक्रमित बेटे के खिलाफ इस बीमारी को छिपाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया था।
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ऐसे में इस कैंसर पीड़ित टिंबर कारोबारी के बेटे ने यह सनसनीखेज खुलासा किया था कि उसके पिता को नोएडा के एक अस्पताल ने पहले ही कोरोना पॉजिटिव बताया था। वह अपने पिता को जिले के एक क्वारंटीन सेंटर में लेकर गया भी था, लेकिन यह जानते हुए भी कि उसके पिता कोरोना पॉजिटिव हैं, उन्हें विभाग ने भर्ती नहीं किया और वापस घर भेज दिया। यही नहीं अपनी गर्दन बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष और अग्रवाल सभा सहित कई संगठनों ने जिले के नोडल अधिकारी को ज्ञापन दिया था। नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए कहा था कि कैंसर पीड़ित के परिवार के दस लोग स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ही संक्रमित हुए हैं, इसलिए इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
इसको लेकर भाजपा के जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा, अग्रवाल सभा के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को डीएम से मिले। शहर अध्यक्ष शरद माहेश्वरी, उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी वार्ष्णेय भी इसी मामले को लेकर डीएम से मिले और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्कूलों में बच्चों की फीस माफ करने की बात भी डीएम से कही। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय के नेतृत्व में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा।
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ज्ञापन में सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर एवं डॉ. पवन कुमार के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जल्द से जल्द से जल्द हटाया जाए, जिससे स्वास्थ्य विभाग सही सुविधाओं के साथ अपना कार्य कर सकें। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष सौरभ सिंघल, मदनगोपाल वार्ष्णेय, अमित गर्ग, राहुल देव शर्मा आदि थे। आरटीआई कार्यकर्ता गौरव अग्रवाल ने इस पूरे मामले में जनहित में पत्र याचिका दायर करते हुए इस मामले की शिकायत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के साथ-साथ कोरोना पीड़ित लोगों को उचित सुरक्षा व क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
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