न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के सियासी सूरमाओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पदों पर कब्जा करने के लिए गोटें बिछानी शुरू कर दी हैं। विजयी प्रत्याशियों को अपने पाले में लाने के लिए अभी से हर फार्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन पदों पर काबिज होने के लिए दुश्मन के दुश्मन दोस्त हो गए हैं। कई बड़े राजनेता लगातार बैठकें भी कर रहे हैं और अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। आखिर कौन सदस्य कैसे मानेगा और कैसे समर्थन देगा, इस पर चिंतन व मनन इन खेमों में शु्रू हो गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के साथ जिले में ब्लॉक प्रमुख के भी सात पद हैं। इन पदों पर कब्जा करने के लिए जिले के कई नामचीन सियासी हस्तियां अभी से जुट गई हैं। कुछ नेताओं ने अपने परिजनों को बीडीसी सदस्य का चुनाव अपने परिजनों को केवल इसलिए लड़ाया था, ताकि वह ब्लॉक प्रमुख बन सकें। ऐसे में अब इनका अगला मकसद ब्लॉक प्रमुख पद हासिल करना है।
इसके लिए अन्य बीडीसी सदस्यों से संपर्क साधा जा रहा है। उनकी इच्छाएं पूछी जा रही हैं और मोलभाव भी किया जा रहा है। कुछ बिचौलिये भी इसमें सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्ष पद और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव तक इन्हें अन्य जगह ठहराने व पिकनिक पाइंट पर ले जाने की योजना अभी से बननी शुरू हो गई है। इनकी घेराबंदी शुरू कर दी गई है। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष में अभी ज्यादा स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद के लिए यह काम अब तेजी से हो रहा है। इसके लिए साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल किया जा रहा है।