न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में अब तीन दिन बचे हैं। ऐसे में सभी मजबूत दावेदारों ने चुनाव में जीत के लिए हर फॉर्मूले का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन दावेदारों ने समर्थन मूल्य देकर अपने समर्थित बीडीसी सदस्यों को ‘भूमिगत’ कर दिया है। वहीं कुछ दावेदार अभी बीडीसी सदस्यों से भाव मोल कर रहे हैं। कुछ दावेदारों ने तैयारी तो पूरी कर ली है, लेकिन उन्हें भाजपा के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में उनकी नजर पार्टी आलाकमान की जारी होने वाली सूची पर है। पूरे दिन दावेदार भागदौड़ करते रहे। अपने सदस्यों को सहेजकर रखने और दूसरे खेमे में सेंधमारी करने में जुटे रहे।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए आठ जुलाई को नामांकन होगा और 10 जुलाई को मतदान के बाद परिणाम घोषित होगा। इस चुनाव के लिए काफी समय से दावेदारों ने तैयारी शुरू कर रखी है। यह दावेदार अपने समर्थित बीडीसी सदस्यों को बाहर भेज चुके हैं।
वहीं कुछ दावेदारों की कोशिश है कि ऐन वक्त पर इन बीडीसी सदस्यों में सेंधमारी की जाए और उनका वोट अपने पक्ष में कर दिया जाए। इसके लिए जोड़तोड़ की जा रही है और हर फार्मूला इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा विस चुनाव से पहले इस चुनाव को भी काफी महत्वपूर्ण मानकर चल रही है। भाजपा के क्षेत्रीय सांसद, विधायक सदर अपने परिजनों की इस चुनाव के जरिये राजनीति में एंट्री कराने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं कई पुराने नेता भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
भाजपा की स्थानीय कोर कमेटी ने यहां से एक सूची आलाकमान को भेज रखी है और हो सकता है कि बुधवार को आलाकमान इस सूची पर आखिरी मुहर लगा दे। इधर, भाजपा के खिलाफ सपा-रालोद इस चुनाव को मिलकर लड़ने की रणनीति तैयार कर रहे हैं और कई ब्लॉकों पर दमदार संभावित प्रत्याशियों को अभी से अघोषित रूप से समर्थन दे दिया है। ऐसे में कुछ ब्लॉकों में यह चुनाव काफी दिलचस्प होगा।
मंगलवार को दमदार दावेदार पूरे दिन चुनाव को लेकर तैयारी करते रहे। अपने खेमे को सहेजकर रखना और दूसरे खेमे में सेंधमारी करना उनकी रणनीति में शामिल रहा। कई दमदार दावेदारों की यह कोशिश भी रही कि ऐसी परिस्थिति पैदा कर दी जाए कि वह निर्विरोध निर्वाचित हो जाएं।