हाथरस: भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के मौके पर जैन गली स्थित मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के चलते मंगलवार को भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा इस बार नहीं निकली। भगवान जगन्नाथ का वार्षिकोत्सव जैन गली स्थित मंदिर में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सर्व मंगल की कामना के साथ कोराना समाप्त करने की भगवान से आराधना की।
शहर के जैन गली में दो शताब्दी से भगवान जगन्नाथ विराजमान है। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया गया। मान्यता है कि जिससे वह ज्वर से पीड़ित हो गए थे। ज्वर सही करने के लिए सेवायत पुजारी द्वारा उन्हें काढ़ा दिया गया। अब भगवान सही हो गए हैं। सही होने के बाद भगवान मंगलवार को शहर में शोभायात्रा के जरिये शहर भ्रमण नहीं कर सके।
इस साल कोरोना काल के चलते भगवान जगन्नाथ का मंदिर में ही महोत्सव मनाया गया। सेवायत पुजारी रामकुमार शर्मा ने सुबह मंगला की आरती की। उसके बाद सात बजे से बाहर बजे तक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। शाम को चार बजे से देर रात तक शृंगार के श्रदालुओं ने दर्शन किए। मंदिर में देर रात तक भजन कीर्तन का दौर चला। काफी श्रदालुओं से घरों में ही भगवान जगन्नाथ का स्मरण किया। भगवान जगन्नाथ से विश्व का कल्याण की कामना की गई।