एमसटी कार्ड को कर देते हैं क्षतिग्रस्त, ईटीएम से नहीं होता मिलान
रोडवेज मुख्यालय के आदेश में बंधे परिचालक, फायदा उठा रहे शातिर
गौरव भारद्वाज
हाथरस। अब रोडवेज बसों में शातिर नए फार्मूले से मुफ्त में यात्रा कर रहे हैं। यह शातिर एमएसटी कार्ड को गर्म कर क्षतिग्रस्त करते हैं, जिससे एमएसटी कार्ड ईटीएम मशीन में रीड यानि शो नहीं करता है। मुख्यालय के आदेशों ने परिचालकों के हाथ बंध रखे हैं। इसका फायदा शातिर उठा रहे हैं। निगम को प्रदेश में लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बेड़े में 12,421 बसें शामिल हैं, जिसमें करीब 17 लाख यात्री सफर करते हैं। यात्रियों को राहत देने के लिए निगम द्वारा एमएसटी कार्ड जारी किए गए हैं। बड़े पैमाने पर शातिर एमएसटी कार्ड को क्षतिग्रस्त कर रोडवेज बसों में फ्री सफर कर रहे हैं। इस कारण निगम को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसका खुलासा हाथरस डिपो के अधिकारियों ने किया है।
एमएसटी कार्ड धारक कार्ड को लेमीनेशन मशीन के जरिए (हीट) करते हैं। उसमें लगी चिप काम करना बंद कर देती है। जब परिचालक इस कार्ड को ईटीएम मशीन में लगाता है। वह रीड नहीं करती है। मुख्यालय से यात्रियों को राहत देने के लिए यह आदेश कि यदि किसी यात्री की एमएसटी को मशीन नहीं पकड़ पा रही है तो उसके कार्ड का नंबर वे बिल में अंकित कर यात्रा कराई जाए। इसका फायदा शातिर उठा रहे हैं। जो निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
इस तरह करते हैं बसों में मुफ्त यात्रा
बसों में सफर करने वाले शातिर एमएसटी कार्ड को कंप्यूटर के जरिये स्कैन करते हैं। स्कैन करके परिचालक ट्रेनिंग पास बना लेते हैं। साथ ही स्कैन कंप्यूटर के जरिये फैमली पास बना लेते हैं। परिचालकों की मांग है कि यदि कोई एमएसटी कार्ड मार्ग पर परिचालक की ईटीएम में शो नहीं कर रहा है तो इसके लिए मार्ग पर तैनात टीआई को ईटीएम मशीन दी जाए, ताकि उस कार्ड को वह चेक कर सकें और यदि एक्सपायर है तो उसको जब्त कर सकें।