फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : बैंकों पर लटके ताले, कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन

विज्ञापन
हाथरस : अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व अधिकारी। संवाद - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण व बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध करने की मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा की चक्की बाजार स्थित शाखा पर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया।
फोरम की जिला इकाई के संयोजक बीएस जैन ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने आईबीए और सरकार को यह प्रस्ताव दे दिया था। सरकार ने संगठन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अपने अड़ियल रुख पर रही। मौजूदा केंद्र सरकार अधिकतर पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेती रही है। देश के बैंक कर्मियों के हित में आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि बैंक के अधिकारी व कर्मचारी सरकार की सभी योजनाओं को अमलीजामा पहनाते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजीकरण में लाने का निर्णय अनुचित एवं अवांछित है। किसी भी तरह देश की जनता के हित में नहीं है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय मंत्री प्रवीण सिंह व वरिष्ठ साथी अविनाश अरोड़ा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हमारे देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि और विकास के संवाहक हैं, इसलिए राष्ट्रीयकृत बैंकों का निजीकरण करना उचित नही है।
विज्ञापन

आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का यदि निजीकरण हुआ तो क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की और अधिक दुर्दशा होगी। राजवीर शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हमारे देश के आर्थिक विकास को सींचने के लिए जलाशय हैं। देश को आत्मनिर्भर बनाने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बड़ा योगदान रहा है। एनसीबीई के पदाधिकारी सचेंद्र सेंगर ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने न केवल किसानों, भूमिहीन, मजदूरों और ग्रामीण जनता को साहूकारों के चंगुल से छुड़ाया, बल्कि बहुत आवश्यक ऋण भी दिया। यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने केंद्र सरकार की निजीकरण की नीति की कड़े शब्दों में निंदा की।
विज्ञापन

प्रदर्शन करने वालों में यतेश गर्ग, डीसी गुप्ता, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, उमाशंकर जैन, अशोक शर्मा, नन्नूमल, देवेंद्र शर्मा, अरविंद जैन, सुरेश कुमार, पुष्पांकर जैन, रमाकांत, संजय जैन, शंकरलाल, इंद्राज, शैलेंद्र, भजनलाल, धर्मेंद्र, विजेंद्र सिंह, पदम सिंह वर्मा, पवन मीणा, केके गुप्ता, श्रीकांत गर्ग, कपिल कुमार, प्रमोद कुमार, महेश कुमार, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, एके वर्मा, राजू कुमार, क्षितिज अग्रवाल, राजेश जैन, मयूर माहेश्वरी, गुलशन, जवाहर सिंह, रामभरोसी, विक्रम मीणा एवं कैलाशचंद्र आदि शामिल थे। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें