न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बेशक अभी तक निकाय क्षेत्रों के आरक्षण का निर्धारण नहीं हुआ है, फिर भी निकाय चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। सबकी नजर इस समय आरक्षण की घोषणा पर लगी हैं। पिछली बार जिले में स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया था। ऐसे में भाजपा की कोशिश है कि फिर इस प्रदर्शन को दोहराया जाए।
जिले में दो नगर पालिका हाथरस और सिकंदराराऊ हैं। सादाबाद, सहपऊ, पुरदिलनगर, हसायन, सासनी और मेंडू नगर पंचायतें हैं। संभावना है कि इसी माह प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा हो जाएगी। इसके लिए हालांकि अभी तक आरक्षण तय नहीं किया गया है कि कौन सी नगर पंचायत या पालिका अध्यक्ष का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा और वार्डों के आरक्षण की क्या स्थिति रहेगी।
इस बार नगर पालिका हाथरस का चुनाव भी काफी अलग होगा। इसकी वजह यह है कि पहली बार हाथरस नगर पालिका की सीमा का विस्तार हुआ है। आसपास की 11 ग्राम पंचायतों को हाथरस नगर की सीमा में शामिल किया गया है। इस बार हाथरस नगर पालिका के 35 वार्डों में मतदान होगा।
हालांकि आरक्षण निर्धारण से पहले ही नगरीय क्षेत्र में राजनेताओं व राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कुछ राजनेताओं ने खुद को जनता के सामने संभावित प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है और अपना प्रचार शुरू कर दिया है। सभी प्रमुख दल भी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इसमें भाजपा सबसे आगे है। सबसे ज्यादा दावेदारों की संख्या भाजपा में ही है, लेकिन फिलहाल सबकी नजर आरक्षण पर लगी है। संवाद