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हाथरस: सरचार्ज के नाम पर लाखों के घोटाले की फाइलें जांच में दबी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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ग्राम्य विकास अभिकरण सहित अन्य विभागों में पेट्रोल डीजल के भुगतान में सरचार्ज के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया था। इस मामले में सीडीओ ने जांच कर रिकवरी के आदेश जारी किए थे, लेकिन समय के साथ ही इन फाइलों को दबा दिया गया है। विभाग की ओर से जांच कमेटियां तो बनाई गईं, लेकिन करीब चार माह बीत जाने के बाद भी इस घोटाले की फाइलों की परतें खुलने की बजाय दबती चली गई हैं। अब उच्चाधिकारी इन घोटालों में जल्द ही रिकवरी किए जाने की बात कह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि यहां विभागों में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल व डीजल के भुगतान में दो फीसदी का सरचार्ज देकर घोटाला किया जा रहा था। डीआरडीए में इस घोटाले की परत खुली थी। डीआरडीए के बाद विकास विभाग सहित अन्य विभागों में भी इस तरह के मामले खुलकर सामने आने लगे। आनन-फानन अधिकारियों ने जांच कमेटियां गठित कीं और भुगतान का आकलन करने के निर्देश जारी किए।
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जांच कमेटी को कार्यकाल के हिसाब से भुगतान करने वाले कर्मचारियों के बारे में रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए, लेकिन इन जांच कमेटियों ने जांच के नाम घोटाले की परतें खोलना तो दूर की बात रही, इन फाइलों को ही दबा दिया। लाखों रुपये के इस घोटाले में अभी तक किसी भी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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हालांकि विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस घोटाले के पीछे एक मास्टर माइंड है, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। डीआरडीए में पेट्रोल और डीजल के बिलों में दो फीसदी सरचार्ज लगे बिलों का भुगतान किया जाता था। यह प्रक्रिया वर्ष 2009 से शुरू की गई। हालांकि बिलों में सरचार्ज लगने के लिए किसी भी प्रकार का कोई नियम नहीं है। इसके बावजूद लेखाकार व नाजिर द्वारा इन बिलों का भुगतान किया जा रहा था।
पेट्रोल व डीजल भुगतान में सरचार्ज के नाम पर घोटाले में रिकवरी की जाएगी। जांच कमेटियों से जांच रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।
-आरबी भास्कर, सीडीओ
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