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कम आमदनी के चलते हॉल्ट में बदल सकता है हाथरस किला रेलवे स्टेशन

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हाथरस किला रेलवे स्टेशन। - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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शहर और आसपास के क्षेत्र पांच से छह हजार यात्री इन-दिनाें दिल्ली तक का सफर तय करने में काफी मुश्किलें झेल रहे हैं। वजह यह है कि कोरोना काल के चलते हाथरस किला स्टेशन से चलने वाली एचएडी ट्रेन 25 मार्च से बंद है। इस ट्रेन के परिचालन से रेलवे को औसतन करीब एक लाख रुपये की आमदनी होती थी। रेलवे इसे काफी कम मानती है। आमदनी कम होने के चलते यह स्टेशन हॉल्ट में परिवर्तित हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर-मध्य रेलवे के हाथरस किला रेलवे स्टेशन से हर रोज सुबह एचएडी ट्रेन का संचालन होता था। 25 मार्च को कोरोना के चलते अन्य ट्रेनों के साथ एचएडी ट्रेन का संचालन बंद हो गया। तब से अब तक किला स्टेशन पर खामोशी छाई हुई है। रबड़ी, रेडीमेड गारमेंट्स, हार्डवेयर आदि का कारोबार करने वाले लोग रोज इस ट्रेन से दिल्ली का सफर करते थे।
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अब अनलॉक शुरू होने के बाद भी एचएडी का संचालन शुरू नहीं हुआ है। हालांकि आम लोगों और कारोबारियों ने दिल्ली के लिए आवागमन तो शुरू कर दिया है, लेकिन इसके लिए उन्हें अलीगढ़ से अन्य ट्रेनों के जरिये दिल्ली तक की दूरी तय करनी पड़ती है। एचएडी ट्रेन के संचालन से रेलवे को औसतन एक लाख रुपये की आमदनी होती थी। हाथरस किला रेलवे स्टेशन पर स्टाफ भी काफी कम है। इन परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे प्रशासन इस स्टेशन को हॉल्ट में बदल सकता है।
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चर्चाएं तो सुनी हैं मगर कोई आदेश नहीं आया
शहरवासियों की मानें तो यह स्टेशन ब्रिटिशकाल में स्थापित किया गया था। जिले में यूरिया और अन्य सामान के आवागमन के लिए भी इस स्टेशन का उपयोग किया जाता है। अब बदलते समय में इस स्टेशन के हॉल्ट बनने से जिले में एक स्टेशन कम हो जाएगा। हाथरस जंक्शन के एसएस पवन कुमार का कहना है कि हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन से संचालित होने वाली एचएडी ट्रेन बीते 25 मार्च से कोरोना के चलते बंद है। यहां एक लाख रुपये औसतन आय है। इसको हॉल्ट बनाने की चर्चाएं तो सुनी हैं, लेकिन हमारे पास लिखित में कोई आदेश नहीं आया है।
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