न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के राजस्व ग्रामों में तैनात दो सफाई कर्मियों को सेवा समाप्ति को लेकर अंतिम नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जांच के दौरान एक सफाई कर्मी ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी लिए जाने का मामला सामने आया है। दूसरे सफाई कर्मी द्वारा उच्चाधिकारियों की अवेहलना सहित कई गंभीर आरोप पाए गए हैं। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने दोनों सफाई कर्मियों को सेवा समाप्ति के अंतिम नोटिस जारी करते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने कहा है कि स्पष्टीकरण नहीं मिलने की स्थिति में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ ने नोटिस के माध्यम से कहा है कि सफाई कर्मी जावेद अहमद द्वारा नौकरी प्राप्त करने दौरान आवेदन पत्र में विकास शिशु मंदिर की पांचवीं कक्षा की अंक तालिका लगाई थी, जिसके आधार पर 19 वर्ष दो माह आयु दर्शाई गई थी। डीपीआरओ कार्यालय को शैक्षिक प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े की शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत पर जांच कराई गई तो जांच में प्रधानाचार्य सरस्वती इंटर कॉलेज द्वारा अवगत कराया गया कि जावेद अख्तर इस विद्यालय में वर्ष 2001 से 2007 तक संस्थागत छात्र रहा।
यह छात्र वर्ष 2007 में हाईस्कूल परिषदीय परीक्षा में सम्मलित हुआ और अनुत्तीर्ण हुआ। छात्र की जन्मतिथि विद्यालय अभिलेखानुसार आठ दिसंबर 1992 है। इस आधार पर आवेदन के समय आयु 14 वर्ष छह माह 23 दिन होती है, जबकि आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। डीपीआरओ ने कहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि इस सफाई कर्मी ने फर्जी प्रमाण पत्र दर्शाकर नौकरी प्राप्त की है। वर्ष 2008 से अब तक राजकीय कोषागार से जो वेतन प्राप्त किया है, वह गबन की श्रेणी में आता है।
उन्होंने इस सफाई कर्मी को सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। सफाई कर्मी संजय को भी विभिन्न आरोपों के चलते सेवा समाप्ति नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जांच अधिकारी द्वारा जो जांच आख्या उपलब्ध कराई गई है, उससे स्पष्ट है कि उक्त सफाईकर्मी संजय की कार्यशैली निंदनीय, विवादास्पद रही है। इस आधार पर सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।