संत फ्रॉसिस गिरजाघर हाथरस में यीशु ख्रीस्त जयंती का महापर्व धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रात 12 बजते ही प्रभु यीशु के बर्थडे पर खुशियां मनाई गईं। सोशल मीडिया पर हैप्पी मैरी क्रिसमस के मैसेज का आदान-प्रदान हुआ।
हाथरस में क्रिसमस सेलिब्रेशन की धूम शुरू हो गई है। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चर्चों और ईसाई समुदाय के घर सतरंगी रोशनी से जगमग हो उठे। जगह-जगह प्रभु यीशु के जन्म की खुशी की तैयारियां चलती रहीं। सभी को आधी रात 12 बजने का बेसब्री से इंतजार था। रात के 12 बजे ही जश्न का दौर शुरू हो गया। चर्चों में घंटियां गूंजने लगी। मोमबत्ती जलाकर प्रभु यीशु के जन्मदिन की खुशी मनाई गई।
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कोरोना संक्रमण के चलते इस बार सार्वजनिक आयोजन बहुत कम हुए। अधिकांश लोगों ने घरों में प्रार्थना की। कोरोना नियमों का पालन करते हुए बाइबिल के उपदेश सुनाए गए। लोगों ने एक दूसरे को मैरी क्रिसमस कहकर मुबारकबाद दी। शुक्रवार को भी कोविड नियमों का पालन करते हुए क्रिसमस के मौके पर प्रार्थना सभाएं होंगी। उसके सेलिब्रेशन की तैयारियां चल रही थी।
संत फ्रांसिस गिरजाघर में मनाया महापर्व
संत फ्रॉसिस गिरजाघर हाथरस में यीशु ख्रीस्त जयंती का महापर्व धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस त्योहार को मनाने के लिए मध्य रात्रि को पवित्र मिस्सा बलिदान (पूजा पाठ की धर्म विधि) गिरजा घर में मुख्य पुरोहित फादर डॉ. रार्बट वार्गिस, सहायक पल्ली जेवियर ने धर्म विधि की अगवाई की। बाहर से आए हुए अतिथियों ने भी इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। पल्ली पुरोहित ने केक काट कर एक दूसरे को दिया और मुबारकबाद दी। चर्च और स्कूल कैंपस को काफी करीने से सजाया गया था। फादर ने अपने प्रवचन में सभी विश्ववासियों को प्रेम एवं शांति का संदेश दिया।