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हाथरस : राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का वीसी के माध्यम से किया निरीक्षण

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह प्रथम के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह मथुरा का निरीक्षण किया और वहां विधिक जानकारी भी दी। उन्होंने किशोरों से बातचीत की और उनके खान-पान के बारे में पूछा।
बच्चों ने बताया कि सुबह के नाश्ते में उनको पराठे और चाय दी गई। उनका प्रात: कालीन भोजन तैयार है। वर्तमान में बाल संप्रेक्षण गृह मथुरा में कुल 87 बच्चे रह रहे हैं। इसमें 24 बच्चे जनपद हाथरस से संबंधित हैं। किसी भी किशोर द्वारा कोई परेशानी नहीं बताई गई।
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सचिव ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा यदि कोई अपराध किया जाता है तो किशोर न्याय अधिनियम में उसे बाल अपचारी माना जाता है। जब किसी बच्चे द्वारा कोई कानून या समाज विरोधी कार्य किया जाता है तो उसे किशोर अपराध या बाल अपराध कहते हैं। कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध आठ वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कानून विरोधी कार्य है, जिसे कानूनी कार्रवाई के लिए बाल न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाता है।
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उन्होंने सभी बालकों से कहा है कि अगर कोई गरीब है और उसके पास मुकदमा लड़ने के लिए पैसे नही हैं तो वह अपने अधीक्षक के माध्यम से एक नि:शुल्क अधिवक्ता नियुक्त करवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस के कार्यालय में प्रार्थना पत्र भिजवा सकता है। उन्होंने विधिक सेवा योजना-2015’ व उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना-2021 सहित कई अन्य अहम जानकारी भी दीं।
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