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हाथरस : मानव तस्करी में शामिल दंपती के संपर्क में रहे लोगों की जुटाई जा रही जानकारी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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मानव तस्करी में शामिल गिरोह को लेकर पुलिस और जानकारी जुटा रही है। मथुरा पुलिस के अलावा अब स्थानीय पुलिस भी इसे लेकर सक्रिय हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इसमें जुटे हैं। वहीं अंदरखाने स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों में इस गिरोह के पर्दाफाश होने के बाद खलबली मची हुई है। इस गिरोह के सरगना दंपती, जोकि स्वास्थ्य विभाग में तैनात है, के संपर्क में रहे विभागीय लोगों पर खुफिया नजर रखी जा रही है। इस दंपती का स्वास्थ्य विभाग रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
उल्लेखनीय है कि मथुरा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। पकड़ा गया फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है।
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इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था, जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। यह गिरोह मानव तस्करी करता था। इस मामले की जानकारी पाकर यहां का प्रशासन भी सक्रिय हुआ था। सोमवार की शाम को प्रशासन ने इस फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित बांके विहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उसका हाथरस जंक्शन स्थित अस्पताल भी सील कर दिया गया था।
हालांकि गिरोह के सरगना दंपती सहित आठ सदस्य जेल में हैं, लेकिन गिरोह ने अपना काफी दूर-दूर तक नेटवर्क बिछा रखा था। बच्चों की तस्करी इस गिरोह का मुख्य काम था। सूत्रों का कहना है कि यह दंपती खुद स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं, इसलिए विभाग में इनकी अच्छी घुसपैठ थी। ऐसे में स्वास्थ्य .विभाग के कुछ कर्मियों में इनकी गिरफ्तारी के बाद खलबली मची है।
उन्हें डर है कि कहीं वह भी पकड़ में न आ जाएं। इस दंपती के खिलाफ यहां की पुलिस ने भी अवैध रूप से अस्पताल संचालन को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। ऐसे में यहां की पुलिस भी सक्रिय हो गई है। गिरोह से जुड़े अन्य लोग मथुरा पुलिस के रडार पर पहले से हैं। ऐसे में मानव तस्करी की कुछ और वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। इसे इस गिरोह ने अंजाम दिया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी इस दंपती जुड़े लोगों की गुपचुप तरीके से जानकारी करा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर अगर कोई इस गिरोह का और सदस्य है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि हमारे द्वारा जो विभागीय कार्रवाई की जानी थी, उसे हम कर चुके हैं। अब इनके संपर्क वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। संवाद
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