हाथरस: रोडवेज बस स्टैंड पर लगी भीड़।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस डिपो में मनमानी करने वाले चालक और परिचालकों पर अब शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। जून में जिन संविदा चालक परिचालकों का लोड फैक्टर 50 प्रतिशत से कम रहा। उन्हें प्रोत्साहन भत्ते के रूप में मिलने वाला तीन हजार रुपये नहीं मिलेगा। अधिकारी भी अब इसकी सघन निगरानी करेगें। आदेश के बाद डिपो के चालक परिचालकों पर आर्थिक संकट गहराने लगा है ।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं। इन बसों का लोकल व लंबे रूट पर संविदा चालक परिचालक संचालन करते है। दरअसल संविदा चालक परिचालक का किलोमीटर पूरे करने पर ध्यान रहता है। लेकिन यात्रियों को नहीं बैठते हैं। संविदा चालक परिचालक को उतम और उत्कृष्ट प्रोत्साहन योजना के तहत राशि प्रदान की जाती है। राशि प्रदान के दौरान नियत किलोमीटर व में ड्यूटी की उपस्थिति भी देखी जाती है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ उन्हीं चालक परिचालकों को मिलेगा जिनका यात्री लोड फैक्टर 50 फीसदी से ज्यादा होगा।
नही चलेगी खाली बसें निगम अफसरों ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी दशा में खाली बसों का संचालन नहीं होगा। यात्रियों की बस में मौजूदगी होने पर ही हाथरस डिपो द्वारा अब बसों का संचालन किया जाएगा । साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यात्रियों की संख्या पर्याप्त है या नही। मामले मामले में एआरएम शशि रानी का कहना है की 50 फीसदी से कम लोड फैक्टर वाले संविदा चालक परिचालकों को प्रोत्साहन भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही खाली बसों का संचालन भी नहीं होगा।