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हाथरस : डेंगू से बचना है तो आसपास पानी जमा होने से रोकना है

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बदलते मौसम में डेंगू से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी चतुर सिंह ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर गमलों, कूलर, ड्रम या अन्य किसी जगह पर जमा साफ पानी में पैदा हो सकता है। इससे बचाव के लिए हमें अपने घर या ऑफिस के निकट पानी जमा न होने से रोकना है।
उन्होंने कहा कि डेंगू को रोकने के लिए रूम कूलर और फूलदानों का सारा पानी नियमित तौर पर साफ करें। पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को पूरी तरह से खाली करें और फिर से भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, बर्तन आदि न रखें। उन्होंने कहा कि डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। यह मच्छर खासकर सुबह काटते हैं।
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उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो दुनिया के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। बीमारी का जल्द पता लगने से डेंगू के उपचार में समय पर देखभाल करने में मदद मिलेगी, इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं। डेंगू से सुरक्षा की बात आती है तो लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बच्चों का रखें विशेष खास ख्याल
जिला महिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मच्छर से बच्चों का खास ख्याल रखना जरूरी है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और वह खुले में ज्यादा रहते हैं, इसलिए उनके प्रति सचेत होने की आवश्यकता है। जब बच्चे घर से बाहर निकलें तो पूरे कपड़े पहनकर जाएं। जहां खेलते हों, उसके आसपास पानी न जमा हो। छोटे बच्चे बीमारी के बारे में बता नहीं पाते हैं, इसलिए अगर बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा हो, बेचैन हो, उसे तेज बुखार हो, उल्टी या अन्य कोई समस्या दिखे तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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कैसे होता है डेंगू
डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। यह मच्छर दिन में खासकर सुबह काटते हैं। एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता है।
लक्षण
-ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना
-सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
-आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है
-बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मिचलाना और मुंह का स्वाद खराब होना
-गले में हल्का-सा दर्द होना
-शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना
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