हाथरस : मंडी समिति में बने गेहूं क्रय केंद्र पर होती तौलाई।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के सरकारी क्रय केंद्र पर यदि किसी किसान का गेहूं केंद्र फेल किया जाता है तो वह अपने गेहूं का नमूना लेकर खाद्य विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के समक्ष अपील कर सकता है। इधर, जिले के 53 क्रय केंद्रों पर अब तक एक लाख तीन हजार कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके साथ ही एफसीआई के गोदामों में भी करीब तीन हजार कुंतल गेहूं पहुंचाया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि गेहूं खरीद को लेकर शासन काफी सख्त है। इस बार गेहूं की खरीद ज्यादा से ज्यादा करने के आदेश शासन ने दिए हैं। यही वजह है कि इस बार गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य भी शासन ने खरीद एजेंसियों को नहीं दिया है। इस बार गेहूं की खरीद में शासन स्तर से किसानों को काफी सहूलियत भी दी गई है। पहली बार गेहूं खरीद में पंजीकरण के दौरान नॉमिनी का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा यह सुविधा भी दी गई है कि यदि किसी किसान का गेहूं केंद्र प्रभारी द्वारा फेल कर दिया जाता है तो वह डिप्टी आरएमओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी में अपील कर सकता है।
कमेटी में एडीएम, डिप्टी आरएमओ व एफसीआई के अधिकारी को शामिल किया गया है। एक अप्रैल से अब तक जिले के 53 क्रय केंद्रों पर एक लाख तीन हजार कुंतल गेहूं की खरीद भी हो चुकी है। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि यदि किसी किसान का गेहूं केंद्र प्रभारी द्वारा फेल किया जाता है तो वह निर्धारित कमेटी के समक्ष अपील कर सकता है।