न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
कोरोना काल में वित्तविहीन स्कूल-कॉलेज बंद रहने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे शिक्षक, शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को सरकार से कोई सहायता न मिलने से नाराज वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा ने सरकार से मिले पुरस्कार व सम्मान को वापस करने की घोषणा को फिर दोहराया है।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा ने श्री हनुमान इंटर कॉलेज में हुई बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहने से शिक्षा की लौ जलाने वाले शिक्षकों के सामने जीवकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर वर्ग की मदद के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है, लेकिन आज तक वित्त विहीनशिक्षक शिक्षिकाओं व कर्मचारियों की सहायता के लिए कुछ भी नहीं दिया है। उन्होंने सरकार से फिर मांग की है कि इन संस्थाओं के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के हित में जल्द घोषणा की जाए, अन्यथा वह सरकार द्वारा पूर्व में दिए गए पुरस्कार व सम्मान को वापस करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
दो एमएलसी ने की सहायता की घोषणा
हसायन। लखनऊ खंड के शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा है कि प्रदेश में आठ विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शिक्षक-शिक्षिकाओं के वोट से चुनकर आते हैं, जबकि आठ स्नातक विधायकों को चुनने में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपनी निधि व वेतन से वित्त विहीन शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों की सहायता किए जाने की सिफारिश की है। उनकी इस घोषणा की वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष आरपी शर्मा व अन्य शिक्षकों ने सराहना की है। सराहना करने वालों में रामू प्रसाद शर्मा, प्रेमकुमार शर्मा, सत्यपाल सिंह, राजकुमार सिंह, मोहकम यादव, आशीष कुमार, सुरेश कुशवाहा, शीलेंद्र सिंह, विपिन शर्मा, शीलेंद्र कुमार, रामबाबू, शीलेंद्र शर्मा, सत्यपाल सिंह आदि शामिल हैं।