न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आढ़तिया एसोसिएशन ने मंडी सचिव को मंडी निदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आढ़तियों ने ऑनलाइन सिस्टम के कारण हो रही परेशानियों से अवगत कराया।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसान द्वारा मंडी में लाए जाने वाले अलग-अलग उत्पादों के लिए एक ही सिक्स आर काटने का प्राविधान किया जाए। क्रेता व्यापारी द्वारा एक जिंस को अलग-अलग दरों पर अलग-अलग किसानों से खरीदने पर एक ही 9 आर का प्राविधान किया जाए। पोर्टल पर जीएसटी माल की कीमत पर लग रही है, किंतु जीएसटी विभाग द्वारा माल और अन्य खर्चों को मिलाकर जीएसटी ली जाती है, जिससे जीएसटी में काफी अंतर आ रहा है। किसान के माल की बिक्री पर मजदूरी 6 आर में नहीं कट रही है। माल की रकम का योग पूर्ण रुपयों में आना चाहिए। पैसों में धनराशि आने पर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। 6 आर और 9 आर में भूल होने पर संशोधन का प्राविधान किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसान के माल की आवक प्रवेश पर्ची पर नीलामी चबूतरे के लिए बनाई जाए। किसान मंडी परिसर में आने के बाद कहीं पर भी माल बेचने के लिए स्वतंत्र होता है। किसी भी व्यापारी या आढ़ती का नाम आने पर उसके स्टॉक पर फर्क पड़ेगा। 6 आर और 9 आर ऑनलाइन कटने पर हार्ड कॉपी का प्राविधान बंद किया जाए। अव्यवस्थाओं से व्यापार नहीं हो रहा है।
ऑनलाइन पोर्टल बनाते वक्त जमीनी स्तर काम कर रहे आढ़तिया और व्यापारियों से कोई भी सुझाव नहीं लिए गए। इस वजह से यह अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो मंडी समितियों का व्यापार पूर्णतया बंद हो जाएगा। किसान को दर-दर भटकना पड़ेगा। जल्द ही इन अव्यवस्थाओं को दूर नहीं किया गया तो मंडी समिति के आढ़तिया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में उमाशंकर वार्ष्णेय, मुकेश बंसल, प्रवीण वार्ष्णेय, राजेश कुमार वार्ष्णेय, भीकंबर सिंह, अमन बंसल, प्रमोद शर्मा, संजय कुमार, विशन गुप्ता आदि शामिल थे।