न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक माह पहले नगला सिंगी में हुई घटना के बाद पुलिस हरकत में नहीं आती तो आज हाथरस में भी अलीगढ़ जैसे ही हालात हो रहे होते। यहां भी तमाम जिंदगी जहरीली शराब की भेंट चढ़ गई होती। पुलिस के ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में नकली शराब की कई फैक्टरी भी पकड़ी गईं।
पिछले माह 27 अप्रैल को हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला सिंगी में छह लोगों की शराब पीने के बाद मौत हो गई थी। यही नहीं आधा दर्जन से ज्यादा की हालत बिगड़ गई थी। घटना ने पुलिस-प्रशासन को सकते में ला दिया था। उस समय मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि एक नामजद ने जहरीली शराब पिलाई थी। इस वजह से मौत हुई हैं। नगला सिंगी के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार अपने कुल देवता पर शराब चढ़ाई थी। उसके बाद शराब का सेवन किया था। इसके बाद यह घटना हुई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया तो मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। दो दुकानें भी सील की र्गइं।
मृतकों के पास से मिले क्वार्टर में शेष मिली शराब की जांच कराई तो आबकारी विभाग के मुताबिक यह शराब जहरीली नहीं थी। हालांकि जांच के बाद दुकानें खोल दी र्गइं। तब यह बात चर्चा में जरूर आई कि यहां भी शराब माफिया सक्रिय है। माफिया ने पंचायत चुनाव में काफी शराब खपाई है। शेष बची शराब को माफिया खपाने में लगे हैं। इन छह मौतों के बाद पुलिस प्रशासन चेत गया और पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार शुरू कर दिया।
इसके तहत पुलिस ने मुरसान के गांव गदाई में अवैध शराब की फैक्टरी 16 मई को पकड़ी। तीन लोग गिरफ्तार भी किए। इससे पहले 11 मई को सिकंदराराऊ के गांव राजपुर में भी पुलिस ने अवैध शराब की बड़ी फैक्टरी पकड़ी। पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत 15 दिन के अंदर 85 लोगों को गिरफ्तार कर 1700 लीटर अवैध देसी व अंग्रेजी शराब बरामद की। चार भट्टियां और नकली शराब बनाने की दो फैक्टरी पकड़ी। वहां से छह सौ लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट व काफी उपकरण बरामद किए थे। पुलिस ने शराब के कारोबार से जुड़े कई नामचीन लोगों से भी पूछताछ की तो कारोबारियों में भी खलबली मच गई। अवैध शराब को लेकर पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत फिर बांटी विश्वास पर्ची
हाथरस। ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने शनिवार को कई स्थानों पर विश्वास पर्ची बांटी। इन पर्चियों पर लिखे नंबरों पर अवैध शराब को लेकर सूचना देने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। यह भी बताया कि वह केवल सूचना दे दें। उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा। संवाद