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हाथरस : पति एक खेमे के पास तो पत्नी दूसरे खेमे के चंगुल में

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हाथरस : जिला पंचायत सदस्य मनोज बघेल। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अजीब-ओ-गरीब हलचल सामने आ रही हैं। दोनो खेमे सदस्यों के साथ-साथ उनके परिजनों की भी घेराबंदी कर रहे हैं। स्थिति यह है कि एक जिला पंचायत सदस्य एक खेमे के पास है तो उसकी पत्नी दूसरे खेमे के चंगुल में है। दोनों ने ही अपने-अपने प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को दिए हैं।
जिला पंचायत के सदस्य मनोज बघेल निवासी राधा नगर कॉलोनी सिकंदराराऊ की पत्नी रजनी ने पिछले दिनों एसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया। उसमें उन्होंने कहा है कि 24 मई को उनके पति मनोज बघेल जब अपने घर पर मौजूद थे तो रामेश्वर उपाध्याय कुछ अन्य लोगों के साथ वहां आए और उनके पति को अपने साथ जबरिया गाड़ी में डालकर बैठाकर ले गए। रजनी देवी का कहना है कि इसके बाद उन्होंने अपने पति से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पति से बात नहीं हो सकी। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि कई दिन से उसके पति का फोन भी बंद जा रहा है। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि उसके पति का अपहरण कर हत्या कर दी गई है। रजनी देवी ने यहां सपा कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए भी यही बात कही।
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इधर, उनके पति मनोज बघेल ने पुलिस अधीक्षक को अलग प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी सीमा उपाध्याय का बिना किसी दबाव के प्रचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पत्नी रजनी देवी का पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव, एमएलसी जसवंत यादव, प्रदीप उर्फ गुड्डू आदि ने अपहरण कर लिया है और अपने चंगुल में कर रखा है, जिससे उनका वोट कहीं अन्यत्र डलवाया जा सके। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने फोन पर अपनी पत्नी से बात करने की कोशिश की, लेकिन देवेंद्र अग्रवाल व उनके सहयोगी मेरी पत्नी से मेरी बात नहीं होने दे रहे। उन्होंने कहा है कि यह लोग उनकी पत्नी की हत्या करा सकते हैं, इसलिए इन लोगों से उनकी पत्नी को मुक्त कराया जाए और मामले में मुकदमा कायम किया जाए।
रामेश्वर उपाध्याय पर अपहरण का आरोप सरासर झूठा है। वह लंबे समय से सिकंदराराऊ ही नहीं गए हैं। जिला पंचायत सदस्य मनोज बघेल की तो अपने रिश्तेदार राकेश बघेल, जोकि आगरा के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं, के माध्यम से हमारे संपर्क में आए और वह अपनी इच्छा से बिना किसी दवाब के हमें इस चुनाव में समर्थन दे रहे हैं। वह हमारे आगरा स्थित आवास पर हैं। जब उनके बारे में एसपी के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया तो वह अपने आप सीओ सिकंदराराऊ के यहां पहुंच गए और अपने बयान दर्ज कराए। उस समय उन्होंने अपनी पत्नी से मिलने की काफी कोशिश की, लेकिन उनकी पत्नी ओमवती यादव, जसवंत सिंह यादव, देवेंद्र अग्रवाल आदि के चंगुल में है। इन लोगों ने मनोज को न उनकी पत्नी से मिलने दिया और न ही फोन पर बातें होने दी।
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-रामवीर उपाध्याय, पूर्व मंत्री व विधायक सादाबाद
इस मामले और महिला से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैं इस चुनाव को नहीं लड़ रहा हूं। यह महिला मेरे और हमारी पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के पास मदद के लिए आई थी। उसका यह कहना था कि उसके पति का अपहरण कर लिया गया है और उसके पति को उससे मिलवा दिया जाए। हम सभी उसकी मदद के लिए पुलिस अधीक्षक के पास गए थे। रही बात मेरे खिलाफ प्रार्थना पत्र देने की तो इस महिला का पति पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के चंगुल में है तो ऐसी स्थिति में वह कुछ भी लिखकर दे सकता है।
-देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक सादाबाद
दोनो पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायतें दी हैं। सीओ सिकंदराराऊ द्वारा पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
-विनीत जायसवाल, एसपी हाथरस

हाथरस : जिला पंचायत सदस्य की पत्नी रजनी देवी- फोटो : HATHRAS

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