न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शीतलहर के सितम से भक्त अपने भगवान को बचाने की कोशिश में जुट गए हैं। मंदिरों में भगवान को गर्म पोशाक धारण कराई गई है। सिगड़ी (अंगीठी) लगाई जा रही है। सर्दी से भगवान को बचाने के लिए ऊन से निर्मित जम्बो सूट आया है। इसके अलावा वृंदावन के कंबल, स्वेटर और कैप श्रद्धालुओं को खूब पसंद आ रहे हैं।
मार्गशीर्ष माह की शुरुआत के साथ सर्दी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सर्द हवाओं से आमजन का बेहाल है। भक्त खुद के साथ भगवान को भी ठंड से बचाने के इंतजाम करने में जुट गए हैं। शहर के गुड़िहाई बाजार, कमला बाजार, कोमल कॉम्पलेक्स आदि स्थानों पर पोशाक की दुकानों पर भगवान के लिए गर्म पोशाक की बिक्री हो रही है। इन दुकानों पर वृंदावन के जम्बो सूट, स्वेटर और कैप आदि बिक रहे हैं। 20 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की भगवान की पोशाक बाजार में उपलब्ध हैं। संवाद
शहर के कई मंदिरों में भगवान पहन रहे गर्म पोशाक
हाथरस। शहर के रुई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर, गुड़िहाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर, कमला बाजार स्थित बिहारीजी मंदिर के अलावा अधिकांश मंदिरों में गर्म पोशाक पहनाने के साथ भगवान के लिए सिगड़ी लगना शुरू हो गई है। संवाद
सर्दी बढ़ने के साथ जम्बो सूट, स्वेटर, कैप और कंबल की खरीदारी ग्राहकों द्वारा की जा रही है। 20 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की रेंज में गर्म पोशाक उपलब्ध हैं। ये पोशाक अलग-अलग डिजायन में हैं। श्रद्धालुओं को यह खूब पसंद आ रही हैं।
-बंटी भैया, पोशाक विक्रेता
सर्दी बढ़ने के साथ भगवान को गर्म पोशाक धारण कराई गई है। बिहारी जी के लिए सिगड़ी का प्रबंध भी किया गया है, ताकि भगवान को सर्दी न लगे। शहर के ज्यादातर मंदिरों में भगवान गर्म पोशाक पहने हुए हैं।
- अनुज मिश्र, सेवायत पुजारी