फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

बारिश के मौसम में जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी से कमर कस ली है। गांव व शहरों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि मानसून की शुरुआत से हवा में नमी बढ़ जाती है। नालियों, बगीचों व छतों पर पानी का जमाव हो जाता है। इसमें मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छरों के पनपने के लिए माहौल अनुकूल हो जाता है। जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने तक मच्छर का प्रसार तेजी से होता है, जिससे मरीजों की गिनती अस्पतालों में बढ़ती है।
विज्ञापन

यदि लोग कुछ सावधानी रखते हैं तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। इससे बचाव के लिए पानी के स्रोतों को ढककर रखने की जरूरत है। भोजन व अन्य खाने-पीने की चीजों को बारिश में खुला नहीं छोड़ना चाहिए। बारिश के पानी में कई प्रकार के वैक्टीरिया और वायरस पाए जाते हैं। ये मच्छर साफ पानी में ज्यादा दिखते हैं और अधिकांश लोगों को सुबह के समय काटते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एडिज मच्छर के काटने के तुरंत बाद आपको इसका पता नहीं चलता है, बल्कि करीब तीन से पांच दिन बीतने के बाद ही लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं।
नालियों व कूलरों की सफाई जरूरी
मच्छरों से बचने के लिए घर के आसपास की नालियों, गमलों, खाली पड़े बर्तनों, कूलर की जालियों, फ्रिज और एसी की सफाई की जाए, क्योंकि साफ पानी में ही डेंगू और मलेरिया का मच्छर पनपता है। गंदे पानी में दवा व काले तेल का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे मच्छर का लारवा पैदा होने से पहले ही नष्ट हो जाए।
विज्ञापन

डेंगू व मलेरिया के लक्षण
अगर किसी को बुखार, खांसी, बदन टूटना, दर्द, गले में खराश, आवाज में परिवर्तन, सिर दर्द, चमड़ी पर दाने होने की शिकायत हो रही है तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से जाकर संपर्क करना चाहिए। खुद अपनी मर्जी से किसी दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दवा लेना जरूरी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें