न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बृज की देहरी पर रंगों के त्योहार होली की धूम रही। गली-मोहल्लों से लेकर बाजारों और देहात में होली का धमाल मचा रहा और लोग रंगों के इस पर्व की खुमारी में डूबे रहे। शहर में जहां रंग और गुलाल की होली खेली गई तो वहीं देहात में रंगों के साथ-साथ धूल और कीचड़ की होली खेली गई।
लोगों ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर इस पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। डीजे पर युवाओं ने जमकर डांस किया। होली के पर्व का बृज में विशेष महत्व है। मथुरा से सटे होने के कारण हाथरस को बृज की द्वार देहरी कहा जाता है। यहां होली से पहले ही इसकी खुमारी छा जाती है। इस बार भी यहां ऐसा ही हुआ। होली पर यहां जमकर हुड़दंग और हुरियारों की टोली से धुलेंड़ी के दिन जमकर धमाल मचाया। कहीं फूलों तो कहीं रंगों तो कहीं गुलाल की होली खेली गई।
बच्चों ने जमकर फोड़े गुब्बारे, राहगीरों को रंगा
होली के त्योहार पर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने राहगीरों पर रंग डाला और तरह-तरह की पिचकारियों में रंग फेंका। टेसू के रंग की भी होली खेली गई। बच्चों ने इस दौरान खूब गुब्बारे फोड़े।
बगीचियों पर छनी ठंडाई, शराबियों ने मचाया हुड़दंग
होली के पर्व पर जहां शराबियों ने शराब पीकर मस्ती की तो साथ ही शहर में जगह-जगह लोगों ने भांग की ठंडाई का सेवन किया। इसका प्रसाद के रूप में वितरण भी किया गया। बगीचियों में काफी स्थानों पर भांग छानी गई।
थानों व पुलिस लाइन में खेली होगी
धुलेंड़ी के दिन पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जुटी रही, लेकिन उसके अगले दिन पुलिस ने जमकर होली खेली। थानों पर धुलेंड़ी के अगले दिन जमकर रंग और गुलाल उड़ा। पुलिस लाइन में भी पुलिसकर्मियों ने होली खेली। धुलेंड़ी के अगले दिन बुधवार को भी शहर व देहात के काफी इलाकों में होली खेली गई।
कोरोना का असर, त्योहार पर नहीं हुए कई कार्यक्रम
वैसे इस बार होली के त्योहार पर कोरोना का असर दिखाई दिया। कई होली मिलन समारोह स्थगित कर दिए गए। साथ ही काफी लोगों ने गले मिलने की अपेक्षा होली पर नमस्ते कर ही एक दूसरे को शुभकामनाएं दीं। फसल की बर्बादी ने भी इस त्योहार पर असर डाला।