गौरव भारद्वाज
हाथरस। रंग-गुलाल और हींग के अलावा हाथरस की पहचान अब पूजन सामग्री के लिए भी बनती जा रही है। यहां बन रही पूजन सामग्री से देश भर में पूजा-अर्चना हो रही है। हाथरस पूजन सामग्री के उद्योग का नया हब बनकर उभर रहा है। इसकी वजह यह भी है कि यहां रंग-गुलाल का कारोबार करने वाले उद्यमी पूजन सामग्री का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहे हैं। इसके प्रति उद्यमियों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
पिछले करीब 10 साल से शहर में पूजन सामग्री का उत्पादन हो रहा है। समय के साथ इस कारोबार ने भी देशभर में पकड़ बना ली है। नवरात्र, हनुमान जयंती, शनि जयंती, दिवाली जैसे मौकों पर देशभर में पूजन सामग्री भेजी जाती है। करीब एक दर्जन फैक्टरियां पूजन सामग्री का उत्पादन करती हैं।
इस समय नवरात्र के त्योहार को देखते हुए फैक्टरियों में तेजी से काम चल रहा है। शहर में कई जगहों पर पूजन सामग्री बनाने का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। निर्माताओं का कहना है कि आधुनिक पैकिंग और अच्छी गुणवत्ता की वजह से हाथरस में निर्मित पूजन सामग्री को काफी पसंद किया जाता है। मथुरा, वृंदावन में खास तौर से यहां की पूजा सामग्री का उपयोग होता है। देश के बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी यहां से पूजन सामग्री खरीदकर ले जाते हैं। संवाद
इन सामग्रियों का होता है उत्पादन
रोली, सिंदूर, चंदन, तिलक, चंदन चूरा, पूजा सामग्री किट, पेवड़ी, हवन सामग्री, धूप
इंगुर, अश्वगंध आदि पूजन सामग्री तैयार होती है।
दो लाख लोगों को मिलता है रोजगार
कारोबारियों का कहना है कि पूजन सामग्री के इस कारोबार से करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलता है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, सामग्री की मांग बढ़ रही है। शहर में करीब दो दर्जन फैक्टरियों में करीब तीन हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस काम से श्रमिक भी खुश हैं।
सिंदूर, रोली और कलावा करमुक्त है। हवन सामग्री, गुग्गल, चंदन चूरा आदि सामान पर पांच प्रतिशत कर है। इस कारण शहर में इसका उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। खास मौकों पर मांग ज्यादा होती है। अब नवरात्र के आर्डर तैयार किए जा रहे हैं। करीब तीन हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है।
-मनोज अग्रवाल, उद्यमी
हाथरस पूजन सामग्री का नया केंद्र बन गया है। यहां से हाथरस के अलावा अन्य जिलों में भी पूजन सामग्री की आपूर्ति होती है। नवरात्र में आर्डर के अनुसार रोली, इंगुर आदि तैयार किया जा रहा है। रंग-गुलाल का काम सीजनेवल है। पूजन सामग्री खास मौकों पर ज्यादा बिकती है।
-विनोद मित्तल, उद्यमी
शहर में एक दर्जन फैक्टरियों में पूजन सामग्री तैयार होती है। इसकी आपूर्ति मथुरा, वृंदावन और अन्य स्थानों पर की जाती है। दर्शन के लिए आने वाले भक्त देश-विदेशों तक खरीदकर ले जाते हैं। पूजन सामग्री का कारोबार दिन प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। यह कारोबार के लिए शुभ संकेत है।
-नितिन वार्ष्णेय, उद्यमी