न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले की 271 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए उप चुनाव होगा। इन ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम है। इस कारण इन ग्राम पंचायतों को पूर्ण संगठित नहीं माना जाएगा। पंचायतराज विभाग सभी ब्लॉकों से रिक्त पदों का ब्योरा जुटाने में जुटा है। इस ब्योरे को राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।
जिले में ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 5,781 पद हैं। इनके सापेक्ष इस चुनाव में 2,701 ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 1,270 ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां से ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए पर्चे तक दाखिल नहीं थे।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के साथ अब संगठित ग्राम पंचायत बनाने लिए ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई होना अनिवार्य है, लेकिन जिले की 271 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या मानक के अनुसार पूरी नहीं हो पा रही है। इन ग्राम पंचायतों में अब प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे, जोकि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का संपादन करेंगे। इन ग्राम पंचायतों का ब्योरा पंचायतराज विभाग की ओर से एकत्रित किया जा रहा है, जिससे इन ग्राम पंचायतों में उप चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी जा सके।
उपचुनाव के बाद दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या होने पर ही ग्राम पंचायत का कोरम पूरा हो सकेगाद और उसके बाद ही ग्राम प्रधानों को पूरे अधिकार मिल सकेंगे। शासनादेश के क्रम में जिन ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्य नहीं हैं, वहां प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। कोरम पूरा होने तक यह प्रशासक ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को देखेंगे। इन ग्राम पंचायतों में विकार्य कार्य कराए जाने के लिए ग्राम प्रधान को उस वक्त अधिकार प्राप्त होंगे , जब इन ग्राम पंचायतों में सदस्यों की संख्या दो तिहाई पूरी होगी।
सभी ब्लॉकों से ग्राम पंचायत सदस्यों का ब्योरा एकत्रित किया जा रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्य पूरे नहीं होंगे, उन ग्राम पंचायतों में उप चुनाव कराने के लिए पूरा ब्योरा शासन को भेजा जाएगा, जिससे यहां उप चुनाव हो सके। इन ग्राम पंचायतों में तब तक प्रशासक ही कार्य करेंगे।
-बनवारी सिंह, डीपीआरओ