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हाथरस : सरकारी राशन माफिया पकड़ से दूर, मिल में पसरा सन्नाटा

सार

प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने यहां सरकारी राशन का 24 हजार बोरे चावल बरामद किया था और चावल मिल स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन जितनी बड़ी तादाद में सरकारी राशन का चावल यहां मिला है, उससे स्पष्ट है कि राशन माफिया का नेटवर्क काफी दूर-दूर तक फैला है और गरीबों के चावल की जमकर कालाबाजारी हो रही है। संवादगरीबों के निवाले पर डाका डाल रहे माफियासासनी\/हाथरस। वैसे इस सरकारी राशन के चावल की बरामदगी से यह स्पष्ट हो गया है कि गरीबों के निवाले पर माफिया डाका डाल रहे हैं।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी/हाथरस।
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गांव महमूदपुर बरसै में एक चावल मिल से सरकारी राशन के चावल की बरामदगी के मामले में अभी राशन माफिया तक पुलिस व प्रशासन नहीं पहुंच पाया है। प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने यहां सरकारी राशन का 24 हजार बोरे चावल बरामद किया था और चावल मिल स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन जितनी बड़ी तादाद में सरकारी राशन का चावल यहां मिला है, उससे स्पष्ट है कि राशन माफिया का नेटवर्क काफी दूर-दूर तक फैला है और गरीबों के चावल की जमकर कालाबाजारी हो रही है।
खेदजनक पहलू यह भी है कि राशन माफिया तक पहुंचने में अभी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो रही। सोमवार को पूरी रात चावल के बोरों की गिनती की गई। मंगलवार को चावल मील पर सन्नाटा परसा रहा। नामजद आरोपी भी अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं हैं। वैसे यह भी माना जा रहा था कि जिस तरह से हरियाणा का यह चावल पकड़ा गया है तो वहां से भी टीम यहां जांच पड़ताल के लिए आएगी, लेकिन मंगलवार को कोई नहीं आया।
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उल्लेखनीय है कि सासनी क्षेत्र में आगरा मार्ग पर गांव बरसै के निकट चावल मिल अष्टलक्ष्मी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर सोमवार की दोपहर को एडीएम डॉ. बसंत अग्रवाल, एसडीएम सासनी अंजलि गंगवार की अगुवाई में छापा मारा गया था। इस मिल से 24 हजार बोरे चावल बरामद हुए थे। यह चावल सरकारी राशन का था और इसे कालाबाजारी कर यहां लाया गया था। इसकी तादाद करीब 12 हजार क्विंटल है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में छह घंटे तक कार्रवई चली थी और वहां अफरा-तफरी मची रही थी। कई बोरों पर गवर्मेंट ऑफ हरियाणा गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा क्रॉप ईयर कमोडिटी पैडी राइस छपा हुआ था। अधिकारियों ने यह कहा था कि यह चावल सरकारी राशन का है।
इस मिल का लाइसेंस मंडी सचिव ने निरस्त कर दिया था। चावल के गोदाम को सील कर दिया गया था और मिल के प्रोपराइटर पुनीत अग्रवाल निवासी मोहनगंज हाथरस के विरुद्ध पूर्ति निरीक्षक ने थाना सासनी में मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार को मील पर सन्नाटा पसरा रहा। अभी आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। वहीं सरकारी राशन माफिया भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। संवाद
गरीबों के निवाले पर डाका डाल रहे माफिया
सासनी/हाथरस। सरकारी राशन के चावल की बरामदगी के बाद जिस तेजी से राशन माफिया के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उस हिसाब से कार्रवाई नहीं हो रही। इस मामले में कोतवाली सासनी में मुकदमा दर्ज हो चुका है तो आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। वैसे इस सरकारी राशन के चावल की बरामदगी से यह स्पष्ट हो गया है कि गरीबों के निवाले पर माफिया डाका डाल रहे हैं। गरीबों को निशुल्क वितरित होने वाले इस चावल को मिलों से लेकर बाजार तक कालाबाजारी कर पहुंचाया जाता है।
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इस मामले में पूर्ति विभाग मुकदमा दर्ज कराने के बाद सुस्त बैठा है तो पुलिस भी अभी जांच की बात कह रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी जांच की ही बात कह रहे हैं। आखिर इस रैकेट में कौन-कौन शामिल हैं, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने गरीबों को राहत देने के लिए राशन का वितरण किया जाता है। मिले में जो चावल मिला है, वह हरियाणा और पंजाब के अलावा अन्य प्रदेशों का है। इसमें स्थानीय रैकेट में लिप्त माफिया की पहचान अभी तक नहीं की गई है। आखिरकार दूसरे प्रदेशों का यह सरकारी चावल यहां कैसे आया, इसका कोई जवाब अभी प्रशासन पर नहीं है।
इस पूरे मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। स्थानीय लोग कौन इस धंधे में शामिल हैं, इसकी भी जांच चल रही है। कार्रवाई जरूर होगी।
-अंजलि गंगवार, एसडीएम सासनी।
इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। पूरी पत्रवाली पुलिस को दी जा चुकी है। आगे की जो भी कार्रवाई होगी, वह पुलिस करेगी।
-ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
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