न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिन कामर्शियल वाहनों पर आरएफआईडी टैग नहीं लगा होगा, उन वाहनों से वाणिज्य कर विभाग द्वारा पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। इस टैग से वाहनों के संचालन की सही जानकारी होती है। वाणिज्य कर विभाग का सचल दल इन-दिनों कर चोरी रोकने के लिए आरएफआईडी टैग को भी चेक कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले का वाणिज्य कर विभाग कर चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। दिसंबर माह में अब तक कई वाहनों पर कार्रवाई की गई है। अब सचल दल द्वारा चेकिंग के दौरान आरएफआईडी टैग को भी चेक किया जा रहा है। इसके लिए वाणिज्यकर विभाग ने कुछ टावर लगाए हैं। जिन वाहनों पर आरएफआईडी ( रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग लगे हैं, वह वाहन जगह-जगह स्थापित टावर के संपर्क में स्वत: ही आ जाएंगे। इस टैग की मदद से वाणिज्य कर विभाग यह पता कर लेगा कि यह गाड़ी किस जगह से कितनी बार गुजरी है।
इसकी मदद से कॉमर्शियल वाहनों की मूवमेंट पता लग जाएगी। यह भी पता लग जाएगा कि कोई वाहन एक बिल से बार-बार माल लेकर तो नहीं जा रहा। यदि चेकिंग के दौरान वाहन पर यह टैग नहीं मिला तो वाणिज्य कर विभाग द्वारा चेकिंग के दौरान 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त राजीव यादव का कहना है कि कॉमर्शियल वाहनों पर आरएफआईडी टैग अनिवार्य है। यदि टैग नहीं लगा होगा तो कॉमर्शियल वाहन पर 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्राविधान है।