न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के चलते अधिकांश त्योहारों को लोगों ने सोशल डिस्टेसिंग के साथ घरों में मनाया जा रहा है। पहली बार मंगलवार को कोरोना के चलते अनंत चतुर्दशी के दिन बिना गाजे-बाजे के साथ वेद भगवान की किला परिसर से वापसी होंगी। कामेश्वर मंदिर में आरती के साथ विसर्जन कार्यक्रम होगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1912 में तहसीलदार श्याम लाल ने मेला श्री दाऊजी महाराज ने शुरू कराई थी। तब से गणेश चतुर्थी पर वेद भगवान की शोभायात्रा का सिलसिला शुरू हुआ। इस बार अनंत चतुर्दशी को मंगलवार को पहली बार किला परिसर स्थित वेद भगवान शिविर में हवन के साथ पूजा अर्चना होगी।
उसके बाद बिना बैंड बाजा के वेद भगवान की वापसी होगी। अध्यक्ष जितेंद्र स्वरूप शर्मा फौजी ने बताया कि पहले यह मेला गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक लगता था। तभी से यात्रा का सिलसिला जारी है। कोरोना काल के चलते इस बार बिना-गाजे बाजे के वेद भगवान की वापसी होगी।