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हाथरस : पहले पल्लेदारों, फिर किसानों ने लगाया राजमार्ग पर जाम

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हाथरस : जाम लगा रहे किसानों की अधिकारियों से होती नोकझोंक। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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माल ढुलाई के रेटों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुक्रवार को मंडी समिति में पल्लेदारों ने हड़ताल की और फिर मंडी के गेट के बाहर आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद किसान पल्लेदारों के विरोध में उतर आए और फिर उन्होंने जाम लगा दिया, जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया। मौके पर एसडीएम और सीओ सिटी भी पहुंच गए और समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। सुबह से शाम तक मंडी में काम बंद रहा। कुछ किसान अपना माल वापस भी ले गए।
मंडी समिति हाथरस में गल्ला की करीब 200 दुकानें हैं। इन पर हर रोज 10 से 12 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। शुक्रवार की सुबह धान किसान लेकर मंडी काफी किसान पहुंचे। मंडी में पैर रखने तक की जगह नही थी। धान की बढ़ती आवक को देखकर पल्लेदारों ने रेटों में इजाफा करने का ऐलान किया। इसके साथ पल्लेदार हड़ताल पर चले गए। आरोप है कि कुछ पल्लेदारों के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। पल्लेदारों ने मंडी के गेट पर आगरा-अलीगढ़ रोड पर जाम लगा दिया।
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किसानों का कहना था कि वह तौल के नियत रेट ही देंगे। बढ़े हुए रेट नहीं देंगे। ऐसे में किसान पल्लेदारों के विरोध में आ गए। ऐसे में पल्लेदारों के बाद किसानों ने भी इसी मार्ग पर मंडी के गेट पर जाम लगा दिया। मुख्य मार्ग पर जाम लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। एसडीएम सासनी, सीओ सिटी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
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बाद में अधिकारियों ने मंडी समिति का निरीक्षण किया। किसान यूनियन के पदाधिकरियों से भी अधिकारियों की बातचीत हुई। इसके उपरांत माइक के जरिये सीओ सिटी ने घोषणा कराई कि सभी पल्लेदार अपने काम करें। जो लोग काम में बाधा खड़ी कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कुछ आढ़तों पर तौल का काम शुरू हुआ। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि शाम को वार्ता के बाद यह तय हुआ कि पुराने रेटों पर पल्लेदार कार्य करेंगे। सब कुछ सामान्य हो गया है। मंडी में कार्य न होने से राजस्व भी प्रभावित हुआ है। संवाद
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