न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए घोषित होने के बाद तीन महीने से चुनाव की तैयारी में लगे सामान्य वर्ग के दावेदारों को झटका लगा है। वहीं, एससी वर्ग के दावेदारों के चेहरे खिल गए हैं। भाजपा से दावेदारों की लाइन लगी हुई है तो वहीं, सपा और कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई दावेदार नहीं दिख रहा है।
उल्लेखनीय है कि दीपावली के समय से ही दावेदारों ने प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था। कस्बा में जगह-जगह दिवाली की शुभकामनाओं के बैनर-पोस्टर लगे हुए थे। कुछ ने तो सोशल मीडिया पर प्रचार भी शुरू कर दिया था। सोमवार को आरक्षण जारी होते ही सामान्य वर्ग के दावेदारों के चेहरे उदास हो गए। नगर पंचायत की सीमा विस्तार होने से पर अनुसूचित जाति की बढ़ोत्तरी होने पर अनुसूचित जाति के संभावित उम्मीदवार भी प्रचार-प्रसार में जुट गए थे। इनमेें एक संभावित उम्मीदवार जो पहले सपा में थे अब पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए हैं।
शाम को सीट अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हुई कि दिन निकलने से पहले वह एक भाजपा नेता के जी हुजूरी करने पहुंच गए। भाजपा से आवेदन की तैयारी करने में लगी राधिका देवी, शीला देवी, रूबी देवी के साथ राजकुमारी का नाम सामने आ रहा है। बसपा से भी कुछ उम्मीदवार लाइन में लगे हैं। सपा एवं कांग्रेस से अभी तक अध्यक्ष पद के लिए कोई भी संभावित उम्मीदवार दिखाई नहीं दे रहा। आरक्षण सूची के लिए सरकार ने 12 दिसंबर तक आपत्तियां मांगी है। देखना यह है कि कस्बा से अध्यक्ष पद के लिए कितने प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं। भाजपा एवं बसपा से किस प्रत्याशी को नाम फाइनल होता है। संवाद